निजी अस्पतालों ने नहीं दिखाई टीकाकरण में रुचि, आवंटित कोटे की केवल 10% वैक्सीन खरीदीं
निजी अस्पतालों ने 1 मई से 17 अगस्त के बीच केवल वैक्सीन की 9.4% वैक्सीन (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) ही उठाईं, जबकि निजी अस्पतालों के लिए 25% वैक्सीन आवंटित की गई थीं।
नई दिल्ली, 31 अगस्त। निजी अस्पतालों ने 1 मई से 17 अगस्त के बीच केवल वैक्सीन की 9.4% वैक्सीन (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) ही उठाईं, जबकि निजी अस्पतालों के लिए 25% वैक्सीन आवंटित की गई थीं। इन 9.4% वैक्सीन में से निजी अस्पतालों ने 13 अगस्त तक 65% वैक्सीन लगाईं। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों ने इस दौरान 90.6% वैक्सीन उठाईं और उनमें से 97% प्रतिशत वैक्सीन इस्तेमाल में लाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग से प्राप्त एक आरटीआई के जवाब से यह आंकड़ा सामने आया है।

आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, बिहार और असम सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, निजी अस्पतालों को आपूर्ति की जाने वाली वैक्सीन का हिस्सा कुल आपूर्ति के 2% से भी कम था। वहीं उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और झारखंड सहित 8 अन्य राज्यों निजी अस्पतालों की हिस्सेदारी 2% से 4% तक रही। 21 जून को लागू हुए संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, केंद्र सरकार निर्माताओं द्वारा उत्पादित 75% टीकों की खरीद करेगी। बाकी 25% वैक्सीन की आपूर्ति सीधे निजी अस्पतालों को की जाएगी। पिछली नीति में, जो 1 मई से 20 जून के बीच प्रभावी थी, राज्य और निजी अस्पताल सीधे 50% वैक्सीन उत्पादनकर्ताओं से खरीद सकते थे। हालांकि, 1 मई से 17 अगस्त के बीच, निजी अस्पतालों को 25 प्रतिशत या उससे अधिक वैक्सीन की सप्लाई केवल तेलंगाना (33%), महाराष्ट्र (29%) और दिल्ली (29%) में ही गई।
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निजी अस्पतालों की इतनी कम मात्रा में वैक्सीन उठाने का कारण बताते हुए एमिकस, मुंबई के प्रधान वकील मुरली नीलकांतन ने कहा कि वैक्सीन उठाने के लिए अनिवार अग्रिम भुगतान और डिलीवरी की अनिश्चित तारीख की वजह से निजी अस्पतालों ने इसमें कम रुची ली। इसके अलावा जब बिना अग्रिम नोटिस के वैक्सीन के दाम बढ़ा दिए गए तो इससे पुराने दाम पर मरीजों को वैक्सीन देना निजी अस्पतालों के लिए मुनासिब नहीं रहा। यह भी वैक्सीन कम उठाने का कारण रहा। सरकार ने भी निजी अस्पतालों के टीकाकरण के मामले में खराब प्रदर्शन को स्वीकार किया है। 24 जुलाई को, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अफसोस जताया था कि निजी क्षेत्र ने उन्हें आवंटित 25% कोटा नहीं उठाया है।












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