VIDEO: दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने वाले युद्धक टैंक K-9 वज्र में सवार हुए पीएम मोदी
सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हजीरा (सूरत) में एलएंडटी आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देश में बने K-9 वज्र टैंक देश की सेना को सौंपे। इस दौरान पीएम मोदी खुद घातक K-9 वज्र टैंक की सवारी की। इस दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी उपस्थित थीं। के-9 वज्र टैंक मेक इन इंडिया के तहत सूरत के एलएंडटी प्लांट में विकसित किया गया है। के-9 वज्र के निर्माण के लिए 2018 में एलएंडटी ने साउथ कोरिया की कंपनी हानव्हा टेकविन के साथ करार की घोषणा की थी।

पीएम मोदी ने सेना को घातक K-9 वज्र टैंक सौंपे
पीएम मोदी द्वारा सेना को घातक K-9 वज्र टैंक सौंपे जाने के बाद आर्मी की शक्ति का काफी इजाफा होगा। वज्र टैंक को महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' के तहत सूरत एलएंडटी प्लांट में विकसित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सूरत के हजीरा के L&T प्लांट में तैयार की गईं K-9 वज्र टैंक काफी एडवांस है। इसे 'टैंक सेल्फ प्रोपेल्ड होवरक्राफ्ट गन' कहते हैं। इसमें कई ऐसी खासियतें हैं, जिनके चलते ये बोफोर्स टैंक को भी पीछे छोड़ सकती हैं।

इसे 'टैंक सेल्फ प्रोपेल्ड होवरक्राफ्ट गन' कहते हैं
बता दें कि, बोफोर्स टैंक जहां एक्शन में आने से पूर्व पीछे जाती है, वहीं K-9 वज्र टैंक स्व-संचालित है। इस टैंक के निर्माण के लिए हजीरा में खास फैक्ट्री बनाई गई। K9-'वज्र' एक ऑटोमैटिक कैनल बेज्ड आर्टिलरी सिस्टम है, जिसकी कैपिसिटी 40 से 52 किलोमीटर (विस्तारित मोड) तक है। वहीं, ऑपरेशनल रेंज 480 किमी है। इस टैंक को किसी भी वातावरण में चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। टैंक का वजन 47 टन है जबकि टैंक की लंबाई 12 मीटर है और ऊंचाई 2.73 मीटर है। टैंक में चालक के साथ पांच लोग सवार हो सकते हैं।

टैंक 15 सेकेंड में दाग सकती है तीन गोले
K9-'वज्र' में MRSI मोड में गोले को रखने की क्षमता है, जिसे मल्टीपल राउंड्स मेल्टीनेशनल इफेक्ट भी कहा जाता है। MRVI मोड में K-9 वज्र केवल 15 सेकेंड के भीतर तीन गोले दाग सकता है और 60 मिनट में लगातार 60 राउंड की फायरिंग भी कर सकती है।












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