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ये हैं PM नरेन्‍द्र मोदी के 20 साल के 20 बड़े काम

ये हैं PM मोदी के 20 साल के 20 बड़े काम

नई दिल्‍ली। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज से ठीक 20 साल पहले 7 अक्‍टूबर 2001 को गुजरात के मुख्‍यमंत्री के तौर पर सत्ता संभाली थी। इसके बाद से अनवरत राज्य और केन्‍द्र सरकारों के बतौर मुखिया र‍हते हुए बिना कोई ब्रेक लिए देश की लगातार सेवा कर रहे हैं। पहले मुख्‍यमंत्री और उसके बाद प्रधाममंत्री के पद रहते हुए उन्‍होंने बहुत सारी योजनाओं और फैसलों से देश का विकास करते हुए पूरी दुनिया में भारत का लोहा मनवाया है। राजनीतिक करियर के लिहाज से एक उदाहरण पेश करते हुए अपनी बीजेपी पार्टी को भी राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी प्रतिष्ठा दिलाई है। आइए एक नजर डालते हैं पीएम मोदी के 20 साल के कार्यकाल में किए गए 20 बड़े काम?

1 - 2001 में 7 अक्‍टूबर को गुजरात के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली

1 - 2001 में 7 अक्‍टूबर को गुजरात के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली

नरेन्‍द्र मोदी को 2001 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से अचानक निकालकर गुजरात का मुख्यमंत्री (Chief Minister of Gujarat) बना दिया गया और प्रदेश की कमान पूरी तरह से भाजपा ने एक संघी के हाथ में सौंप दी, हालांकि भाजपा के इस फैसले ने सभी को चौका दिया था। मोदी ने 2001 में तब मुख्यमंत्री पद संभाला था जब उसी साल जनवरी में गुजरात में आए विनाशाकारी भूकंप के बाद केशुभाई पटेल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। इस भूकंप में 20 हजार से ज्यादा लोग मार गए थे। ये वो वक्‍त था जब बीजेपी के अंदर असंतोष की आवाजें उठ रही थीं। ऐसे समय में मोदी ने गुजरात में लगातार तीन सरकारों का नेतृत्व करते हुए केंद्र में कांग्रेस के दबदबे को चुनौती देने का मजबूत आधार तैयार कर लिया।

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    Narendra Modi के शानदार 20 साल: Gujarat के CM से देश के PM तक | वनइंडिया हिंदी
    2 - 2002 गुजरात विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाई

    2 - 2002 गुजरात विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाई

    मोदी के सत्ता संभालने के लगभग पांच महीने बाद ही गोधरा रेल हादसे के बाद गुजरात में दंगे भड़क उठे, जिनमें एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे इस दंगे में मरने वालों में अधिकांश मुसलमान थे। उस वक्त दंगों के कारण भारतीय जनता पार्टी पर मोदी को हटाने का दबाव था लेकिन इसके चंद महीनों के बाद जब दिसंबर 2002 के विधानसभा चुनावों में मोदी ने जीत दर्ज की तो उन्हें सबसे ज्यादा फायदा उन इलाकों में हुआ जो दंगों से सबसे ज्यादा प्रभावित थे। पीएम मोदी गुजरात में समृद्धि और विकास का श्रेय भी दिया जाता है। भारत के कुछ बड़े उद्योगपति भी उनकी नीतियों की खुल कर तारीफ करते हैं लगातार तीन बार विधानसभा के चुनावों में जीत उनकी लोकप्रियता पर मुहर लगाती है।

    3- 2003 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट का किया आयोजन

    3- 2003 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट का किया आयोजन

    गुजरात में छठा वाइब्रेंट गुजरात वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करवाया। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था इस मौके पर मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, आदि गोदरेज और चंदा कोचर जैसे उद्योगपतियों ने मोदी और गुजरात की जमकर तारीफ की थी। इस समिट में विदेशों से भी लोग आए और गुजरात में इन्‍वेस्‍टर्स का रुझान बढ़ा।

    4- 2004 कन्‍या केलवणी और शाला प्रवेशोत्‍सव प्रोग्राम की शुरुआत की

    4- 2004 कन्‍या केलवणी और शाला प्रवेशोत्‍सव प्रोग्राम की शुरुआत की

    बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए कन्या केलवणी योजना और शाला प्रवेशोत्सव प्रोग्राम की शुरुआत की गई।
    5- 2005 बेटी बचाओ अभियान किया लॉच
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम थे, तब गुजरात में "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" अभियान 2005 से आरंभ किया गया था। इस अभियान के बाद राज्य में बेटियों की जन्म दर में वृद्धि देखी गई।

    6 - 2006 गुजरातियों को ज्‍योतिग्राम योजना का तोहफा दिया
    7- 2007 तीसरा चुनाव जीत सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गुजरात के सीएम बने
    8-2008 गुजरात की धरती पर टाटा नैनो का किया स्‍वागत
    9- 2009 ई-ग्राम विश्‍वग्राम योजना का किया उद्धघाटन
    10- 2010 गुजरात का 50 साल का इतिहास 90 केजी के टाइम कैप्‍सूल में सहेजा
    11- 2011 सद्भावना मिशन 50 लाख लोगों ने लिया व्रत कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया
    12 - 2012 चौथी बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रुप में शपथ लेकर रचा इतिहास
    13 -13- 2013 प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए।

    14- 2014 26 मई को भारत के प्रधानमत्री पद की शपथ ली

    14- 2014 26 मई को भारत के प्रधानमत्री पद की शपथ ली

    2002 के गुजरात दंगों की वजह से केंद्रीय राजनीति में अछूत समझे जाने वाले नरेन्‍द्र मोदी पहले पार्टी के नेताओं को मनाकर केंद्रीय प्रचार समिति का अध्यक्ष बने और फिर चंद महीनों के अंदर बड़े नेताओं को दरकिनार कर प्रधानमंत्री की उम्मीदवार बन गए। मोदी ने सारी राजनीतिक गणित, सारी भविष्यवाणियों और पंरपराओं को फेल करते हुए उग्र राष्ट्रवादी समझी जानेवाली भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दिलाई। पार्टी ने पहली बार सहयोगियों की बदौलत नहीं, बल्कि अपनी बदौलत सरकार बनाई। 26 मई को भारत के प्रधानमत्री पद की शपथ लीनरेंद्र मोदी भारत के ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो पहले कभी केंद्रीय सरकार में नहीं रहे. प्रधानमंत्री बनने से पहले वे कभी संसद के सदस्य भी नहीं रहे. लेकिन उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री के हारने के बाद निराश पार्टी को फिर से जीत की उम्मीद रखने वाला दल बनाया और वर्षो से कांग्रेस सरकार से निराश लोगों में भी उम्मीद भी जगाई। यहीं कारण था कि जनता ने मन खोलकर मोदी का स्‍वागत किया और भारी संख्‍या में वोट देकर उन्‍हें देश की कमान संभालने को दी।

    अंतराष्‍ट्रीय योग दिवस

    अंतराष्‍ट्रीय योग दिवस

    15- 2015, 21 जून पहला अंतराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया और जिसके बाद योगा के प्रति लोगों में अत्‍यधिक जागरुकता आई और बड़े स्‍तर पर लोगों ने योग के महत्‍व को समझा।
    16- 2016 भ्रष्‍टाचार, काले धन और जाली मुद्रा से लड़ने के लिए डीमोनेटाईजेशन, डिजीटल लेन-देन के लिए BHIM/UPL लॉच किया। मोदी के रातो रात नोटबंदी किए जाने के बाद से बड़े स्‍तर पर कालाधन पकड़ा गया।
    17- 2017 एक देश एक कर प्रणाली GST को लागू किया।
    18- 2018 स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी को राष्‍ट्र को समर्पित किया
    19- 2019 प्रचंड जीत के साथ लगातार दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने
    20- 2020 सही समय पर पूर्ण लॉकडाउन लगा कर कोरोना को महामारी बनने से रोका

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