अभिभाषण के बाद BRS ने कसा तंज- पीएम मोदी को 'अडानी एक्ट' लाने की सलाह दें राष्ट्रपति
संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद बीआरएस ने की केंद्र की खिंचाई करते हुए कहा राष्ट्रपति मुर्मू पीएम मोदी को 'अडानी एक्ट' लाने की सलाह दें।

आम आदमी पार्टी (आप) के अलावा भारत राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) ने केंद्रीय बजट सत्र से पहले संसद में मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया। बहिष्कार के बारे में बात करते हुए बीआरएस सांसद के केशव राव ने कहा हम राष्ट्रपति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन केवल लोकतांत्रिक विरोध के माध्यम से एनडीए सरकार की शासन विफलताओं को उजागर करना चाहते हैं।
इसके साथ ही सांसद केशव राव ने केंद्र की खिंचाई करते हुए कहा हमने संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का बहिष्कार किया। मैं राष्ट्रपति को सुझाव देता हूं कि वह पीएम को 'अडानी एक्ट' नामक अधिनियम लाने की सलाह दें क्योंकि अब केवल क्रोनी कैपिटलिज्म है। मीडिया से बात करते हुए केशव राव ने कहा हमने आज राष्ट्रपति का अभिभाषण सुना, लेकिन बेरोजगारी और मुद्रास्फीति के मुद्दों का कोई जिक्र नहीं था।
बता दें गौतम अडानी को अमेरिकी निवेश समूह हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट के कारण शेयरों में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें पिछले हफ्ते "दशकों के दौरान brazen स्टॉक हेरफेर और लेखा धोखाधड़ी योजना" का आरोप लगाया गया था।
अडानी के समूह ने कहा कि यह एक "maliciously mischievous" हमले का शिकार था और रविवार को 413 पन्नों का एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि उसने हिंडनबर्ग के दावों का खंडन किया है। हिंडनबर्ग ने अडानी के बयान के जवाब में कहा कि भारत का भविष्य अडानी समूह द्वारा रोका जा रहा है, जिसने व्यवस्थित रूप से देश को लूटते हुए खुद को भारतीय ध्वज में लपेट लिया है।












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