'सीमापार ठिकाने तबाह, ऑपरेशन सिंदूर से पहलगाम हमले का बदला', राष्ट्रपति मुर्मू ने क्या-क्या कहा?- 10 अहम बातें

President Droupadi Murmu Speech Highlights: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2025 को राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की प्रगति, लोकतंत्र की ताकत, ऑपरेशन सिंदूर और आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण पर फोकस किया।

देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति के रूप में, मुर्मू ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और विभाजन की त्रासदी को याद किया। उन्होंने भारत की आर्थिक, तकनीकी, और सामाजिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। आइए, उनके संबोधन की 10 प्रमुख बातों पर नजर डालें....

President Droupadi Murmu Speech

1. स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा, '78 साल पहले 15 अगस्त को भारत ने बलिदान के बल पर आजादी हासिल की। यह तारीख हमारी सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है। औपनिवेशिक शासन की लंबी अवधि में देशवासियों की कई पीढ़ियों ने स्वाधीनता का सपना देखा। कल जब हम तिरंगे को सलामी देंगे, हम उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि देंगे।'

2. लोकतंत्र और संविधान सर्वोपरि

मुर्मू ने भारत को 'लोकतंत्र की जननी' करार देते हुए कहा, 'हमने आजादी के बाद एक ऐसे लोकतंत्र को अपनाया, जहां हर वयस्क को मतदान का अधिकार मिला। कई देशों में जेंडर, धर्म या अन्य आधारों पर मताधिकार सीमित था, लेकिन भारत ने सभी को समान अधिकार दिया। हमारे लिए संविधान और लोकतंत्र सर्वोपरि है।' उन्होंने संविधान के चार मूल्यों-न्याय, स्वतंत्रता, समानता, और बंधुत्व-को लोकतंत्र का आधार बताया।

3. भारत आत्मनिर्भरता की राह पर

राष्ट्रपति ने भारत की आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा, 'भारत आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की राह पर बड़े आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है। सुशासन और कल्याणकारी योजनाओं ने लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। यह सामाजिक सेवाओं पर बढ़ते खर्च और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने के प्रयासों में दिखता है।'

4. विभाजन की त्रासदी को याद किया

14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाते हुए मुर्मू ने कहा, '1947 में देश के विभाजन ने भयंकर हिंसा और लाखों लोगों के विस्थापन को जन्म दिया। हम उन सभी को श्रद्धांजलि देते हैं जो इतिहास की गलतियों का शिकार हुए। हमें इस दर्द को कभी नहीं भूलना चाहिए।'

5. बुनियादी ढांचे में प्रगति

राष्ट्रपति ने भारत के बुनियादी ढांचे की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'भारतमाला परियोजना ने राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार किया। रेलवे ने नवीनतम तकनीकों के साथ नई रेलगाड़ियां शुरू कीं। कश्मीर घाटी में रेल संपर्क का उद्घाटन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा।'

6. डिजिटल भारत की उड़ान

मुर्मू ने डिजिटल क्षेत्र में भारत की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा, 'लगभग सभी गांवों में 4G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है, और बाकी गांवों में जल्द पहुंचेगी। डिजिटल भुगतान में भारत विश्व में अग्रणी है। भारत-कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन (India-AI Mission) हमारी AI क्षमताओं को मजबूत कर रहा है, जो देश की जरूरतों के अनुरूप मॉडल बना रहा है।'

7. सामाजिक कल्याण और समानता

राष्ट्रपति ने सामाजिक कल्याण पर जोर देते हुए कहा, 'आयुष्मान भारत योजना से 55 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। सामाजिक सेवाओं पर बढ़ता खर्च आय और क्षेत्रीय असमानताओं को कम कर रहा है। जो क्षेत्र पहले कमजोर थे, वे अब अपनी क्षमता दिखा रहे हैं।'

8. सीमापार आतंकी ठिकानों पर करारा वार - ऑपरेशन सिंदूर ने दिलाया बदला

राष्ट्रपति ने कहा कि इस साल देश ने आतंकवाद का दर्द महसूस किया। पहलगाम में हुआ हमला बेहद कायराना और अमानवीय था, जिसमें निर्दोषों की जान गई। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमापार मौजूद आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया। उन्होंने इसे सिर्फ एक सैन्य सफलता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत मिशन की सच्ची परीक्षा भी बताया, जहां देश ने अपनी ताकत और हौसले का प्रदर्शन किया।

9. भारत की आर्थिक रफ्तार

उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था करार देते हुए कहा, 'सुशासन ने गरीबी रेखा से ऊपर उठे लोगों को फिर से नीचे गिरने से बचाया। कल्याणकारी योजनाएं असुरक्षित वर्गों को सशक्त कर रही हैं।'

10. गर्व का पल: स्वतंत्रता दिवस

राष्ट्रपति ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'यह हम सभी के लिए गर्व का पल है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस हमें गौरवान्वित भारतीय होने की याद दिलाते हैं। यह उत्सव हमारा परिवार है, जिसमें सभी देशवासी शामिल हैं।'

द्रौपदी मुर्मू: एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व

64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। 2022 में वह सबसे कम उम्र में राष्ट्रपति बनीं और पहली आदिवासी और दूसरी महिला के रूप में इतिहास रचा। ओडिशा के मयूरभंज जिले की रहने वाली मुर्मू ने अपनी सादगी और दृढ़ता से देश का दिल जीता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन भारत की प्रगति, एकता, और आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से लेकर डिजिटल और आर्थिक उन्नति तक, भारत की यात्रा को गर्व के साथ प्रस्तुत किया। यह संबोधन न केवल देशवासियों को प्रेरित करता है, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को और मजबूत करता है।

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