बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
Paradip Port: पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण के बोइता बंदना उत्सव में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बालीयात्रा राज्य के गौरवशाली अतीत को याद किया। उन्होंने इस मौके पर कहा प्राचीन काल से मनाया जाने वाला यह त्यौहार बोइता बंदना उत्सव ओडिशा के समुद्री व्यापार की समृद्धि का प्रतीक है। ये ओिवशाली अतीत की याद में मनाया जाने वाला एक अनूठा त्योहार है।
पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण के बोइता बंदना उत्सव के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने पोर्ट टाउनशिप और अगली पीढ़ी के पोत यातायात प्रबंधन और सूचना प्रणाली (VTMIS) के लिए एक नए जलाशय और जल उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी।

उत्सव की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति मूर्मू ने कहा कि बालीयात्रा राज्य के गौरवशाली अतीत की याद में मनाया जाने वाला एक अनूठा त्योहार है। प्राचीन काल से मनाया जाने वाला यह त्यौहार ओडिशा के समुद्री व्यापार की समृद्धि का प्रतीक है। यह ओडिशा के लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना को भी उजागर करता है, जिसमें नौसेना वाणिज्य की एक लंबी और समृद्ध परंपरा है।
बंदरगाहों के ढाचों को मजबूती पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समुद्र भारत के व्यापार, वाणिज्य और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने का एक प्रमुख साधन रहा है। भारत के कुल व्यापार का मात्रा के हिसाब से 95 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 65 प्रतिशत व्यापार समुद्री परिवहन के माध्यम से होता है। ऐसे में भारतीय बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की आवश्यता है।












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