प्रेमानंद महाराज को क्या है बीमारी? जिसके कारण उन्होंने वृंदावन में बंद कर दी रात्रि पदयात्रा
Premanand Maharaj Health: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज विश्व प्रसिद्ध हैं। प्रेमानंद महाराज हर दिन तड़के अंधेरे में पदयात्रा करने के लिए निकतते हैं। इस रात्रि पदयात्रा के समय बड़ी संख्या में भक्त उनके दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन अब महाराज की रात्रि पद यात्रा कैंसिल कर दी गई है। जिसके कारण सुबह भक्तों को महाराज प्रेमानंद का दर्शन नहीं मिल सकेगा। इससे प्रेमानंद महाराज के भक्तों को बड़ा धक्का पहुंचा है।
बता दें संत प्रेमानंद महाराज हर दिन रात दो बजे वृ्ंदावन में श्रीकृष्ण शरणम् में अपने घर से निकलकर रमणरेती के श्री राधा केलिकुंज तक पदयात्रा करते थे। महाराज के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े रहते थे लेकिन महाराज के आश्रम द्वारा बताया गया कि प्रेमानंद महाराज की तबीयत के कारण उनकी ये रात्रि यात्रा रोक दी गई। आइए जानते हैं प्रेमानंद महाराज को बीमारी क्या है?

प्रेमानंद को बीते 19 साल से है ये समस्या?
राधा रानी की भक्ति में सदा लीन रहने वाले मथुरा वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज जी की दोनों किड़नियां बीते 19 सालों से खराब है। इसके बाजवूद प्रेमानंद महाराज हर दिन वृंदावन की कई किलोमीटर परिक्रमा करते हैं। वहीं आश्रम में पहुंचने वाले सैंकड़ों भक्तों को प्रवचन देते हैं।
प्रेमानंद के मरने की डॉक्टरों ने कर दी थी भविष्यवाणी
प्रेमानंद महाराज ने एक बार खुद अपनी बीमारी का खुलासा किया था उन्होंने बताया था कि आज से 17 साल पहले एक डॉक्टर ने मुझे बताया था कि मेरी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। आपकी जिंदगी के ढाई से पांच वर्ष शेष बचे है, इसके बाद मर जाओगे।
फिर कैसे जिंदा बचे हैं प्रेमानंद महाराज?
वीडियो में प्रेमानंद ने बताया था कि डॉक्टर की भविष्यवाणी के बावजूद आज तक मैं जिंदा हूं। उन्होंने कहा भगवान पर भरोसा है इसलिए आज तक मैं जिंदा हूं। रााधारानी मेरे साथ हैं । राधारानी का आर्शीवाद मेरे पास है इसलिए मैं आप सबके मौजूद हूं और राधा रानी के नाम का जप कर रहा हूं।
प्रेमानंद महाराज की बीमारी का नाम क्या है?
प्रेमानंद महाराज को ऑटोसोमा डोमिनेंट पॉलीसिटिस्ट नाम की किडनी संबंधी बीमारी है। डॉक्रों के अनुसार ये बीमार अनुवांशिक है और मां-पिता से बच्चों में ट्रांसफर होती है। इस बीमारी में मरीज की किडनी का सेप सामान्य से बड़ा हो जाता है और किडनी में पानी एकत्र हो जाता है। इसकी वजह से गांठे बन जाती है, कुछ समय बाद किडनी खराब हो जाती है।












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