कक्षा 9 में पहनी थी पहली बार हवाई चप्पल, यह मुझे...', प्रतिमा भौमिक बनेंगी त्रिपुरा की पहली महिला सीएम?
प्रतिमा भौमिक ने सीपीएम उम्मीदवार को 3500 वोटों से हराया है। उन्होंने धनपुर विधानसभा सीट से जबरदस्त जीत हासिल की है।

Pratima Bhowmik: बीजेपी ने त्रिपुरा में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर दोबारा अपना कब्जा जमाया है। हालांकि, चुनाव परिणाम आने के तीन दिन बाद भी पार्टी ने अभी तक सीएम पद के चेहरे की घोषणा नहीं की है। हालांकि, राजनीति गलियारे में कई नामों की चर्चा चल रही है। वहीं, अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीजेपी 2024 लोकसभा को देखते हुए सीएम को बदलना चाह रही है। पार्टी माणिक साहा की जगह प्रतिमा भौमिक को सीएम बना सकती है। प्रतिमा भौमिक के नाम की चर्चा सबसे अधिक हो रही है।
प्रतिमा भौमिक एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनकी जीत पीएम मोदी और उनके विकास मॉडल के आधार पर हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों में धनपुर माकपा का सबसे मजबूत किला था, लेकिन बिना विकास के सालों कैसे राज करते। मैंने 1998 में गोलियथ के खिलाफ धनपुर से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार धनपुर के लोगों ने यह भ्रम तोड़ा कि यह वामपंथियों की एलीट सीट है।
उन्होंने कहा कि मैं धनपुर की बेटी हूं और यहां के लोगों को बेहद करीब से जानती हूं। 50 साल में यह पहली बार है कि जब माकपा ने किसी स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। प्रतिमा भौमिक 1998 और 2018 में एक ही निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों बार माणिक सरकार से हार गईं। हालांकि, इस बार उन्होंने सीपीआईएम के कौशिक चंदा को 3500 वोटों से हराया। प्रतिमा भौमिक केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री हैं। उन्होंने त्रिपुरा विधानसभा में धनपुर सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने सीपीएम के कौशिक चंदा को 3,500 वोटों से हराया है।
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बताया जा रहा है कि बीजेपी सिर्फ इसलिए सीएम को बदलना चाह रही है कि इसके माध्यम से पार्टी पूरे देश में महिला मतदाताओं को एक संकेत देना चाहती है। महिलाओं को राज्य का सर्वोच्च पद देने में पूर्वोतत्तर के राज्यों के हाथ अभी तक तंग रहे हैं। बीजेपी त्रिपुरा से यह ट्रेंड बदलना चाहती है। बता दें कि प्रतिमा भौमिक 1991 में बीजेपी से जुड़ी थीं और तब से पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़ी रही हैं।
वह किसान परिवार से आती हैं और राजनीति की दुनिया में अपनी सादगी और जमीन से जुड़ी नेता होने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के वुमेंस कॉलेज से पढ़ाई की है। उनके पास बायो साइंस की डिग्री है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से बहुत प्रभावित थीं और इसी वह से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गईं।
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