दोस्त के बर्थडे के लिए कितना खुश था Ryan School का प्रद्युमन, बहन ने क्लास रूम में छोड़ा था हाथ

आखिरी बार जब प्रद्युम्न स्कूल जा रहा था तो वह काफी खुश था, बहन ने बताया कैसे वह उसके साथ स्कूल गई, आखिरी बार बहन अपने भाई का हाथ पकड़कर स्कूल में दाखिल हुई थी

गुरुग्राम। अपने बच्चों को माता-पिता अच्छे से अच्छे स्कूल में अपनी मेहनत की कमाई को खर्च करके इसलिए भेजते हैं ताकि वह बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें और भविष्य में अपना बेहतर मुकाम हासिल कर सके। इसी उम्मीद से गुरुग्राम में भी प्रद्युम्न के माता पिता ने अपने बच्चे का शहर के नामी स्कूल में दाखिला कराया था। लेकिन जिस तरह से शुक्रवार को स्कूल के बस ड्राइवर ने बच्चे के साथ यौन शोषण करने के बाद उसे मौत के घाट उतार दिया उसने परिवार के तमाम सपनों को एक झटके में चूर-चूर कर दिया।

एक दूसरे का हाथ पकड़कर स्कूल गए थे भाई-बहन

एक दूसरे का हाथ पकड़कर स्कूल गए थे भाई-बहन

प्रद्युम्न अपनी बहन विधि के साथ हर रोज की तरह स्कूल पहुंचा था, जब उनके पिता ने उन्हें स्कूल के बाहर छोड़ा था, जिसके बाद दोनों बच्चे अपनी-अपनी कक्षा में चले गए। विधि ने बताया कि हम रोज सुबह 7.30 बजे स्कूल के लिए निकलते थे और 7.45 बजे तक स्कूल पहुंच जाते थे, उस दिन भी मैं अपने भाई का हाथ पकड़कर स्कूल के भीतर गई थी, जिसके बाद हम दोनों अपनी क्लास में चले गए और तभी मैंने अपने भाई को आखिरी बार देखा था।

अपने दोस्त के जन्मदिन को लेकर काफी खुश था प्रद्युम्न

अपने दोस्त के जन्मदिन को लेकर काफी खुश था प्रद्युम्न

विधि ने बताया कि उसने अपने भाई को बाथरूम जाते नहीं देखा था, वह सीधे अपनी क्लास में गया था। प्रद्युम्न के एक दोस्त ने बताया था कि वह पहले क्लास में गया था और उसने अपना बैग वहां रखा था, जिसके कुछ ही सेकंड के बाद वह बाथरूम गया था। वहीं प्रद्युम्न की मां ज्योति अपने बेटे को हर वक्त याद कर रही हैं, वह अपने बच्चे को याद करते हुए कहती हैं कि उनका बेटा उस दिन स्कूल जाने के लिए काफी उत्साहित था, क्योंकि उसके एक दोस्त का जन्मदिन था, उसने कहा था कि वह जब स्कूल से लौटेगा तो उसके साथ ही में कैंडी होगी।

डॉक्टर बनना चाहता था प्रद्युम्न

डॉक्टर बनना चाहता था प्रद्युम्न

प्रद्युम्न की मां ज्योति ने बताया उनका बेटा बहुत समझदार था, पिछले हफ्ते ही उसकी क्लास टेस्ट के रिजल्ट आए थे, उसे 20 में से 20 अंक मिले थे, हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वहीं ज्योति के एक पड़ोसी संदीप शर्मा का कहना है कि प्रद्युम्न को बाहर खेलना बहुत पसंद था, उसने एक बार मुझे बताया था कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता है। एक अन्य पड़ोसी अभिजीत चौधरी ने बताया कि मेरी बेटी और विधि एक ही क्लास में रायन इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं। हम ढाई साल पहले ही इस कॉलोनी में आए हैं। बरून और ज्योति का परिवार काफी शांतिप्रिय और मददगार है। प्रद्युम्न को साइकिल चलानी पसंद थी, मैंने उसे कभी किसी बच्चे से झगड़ा करते नहीं देखा। एक अन्य पड़ोसी नीरजा ने बताया कि पूरा परिवार बहुत ही सादगीभरा था। उन्होंने बताया कि प्रद्युम्न और विधि पहले प्राइवेट वैन से स्कूल जाया करते थे, वैन अक्सर देर से आती थी, मैंने प्रद्युम्न के पिता से कहा था कि कोई और इंतजाम करें, उसके बाद से वह खुद ही बच्चों को छोड़ने जाने लगे थे

एसआईटी का किया गया गठन

एसआईटी का किया गया गठन

वहीं इस मामले की जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, साथ ही इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या स्कूल में किसी तरह की सुरक्षा में चूक हुई है। एसआईटी में ब्लॉक एजूकेशन अधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान के जिला कॉर्डिनेटर को भी शामिल किया गया है। गुरुग्राम के डीसीपी ने बताया कि एक तरफ जहां पुलिस इस बात की जांच करेगी कि क्या किसने इस अपराध को अंजाम दिया है तो दूसरी तरफ एसआईटी का गठन इसलिए किया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो

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