राजौरी-पुंछ के जंगलों में कहां छिपे आतंकी? सेना का सर्च ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी, मोबाइल-इंटरनेट बंद
Poonch attack News: जम्मू कश्मीर के राजौरी और पुंछ में आतंकवादियों की तलाश में सेना और पुलिस का सर्च ऑपरेशन तीसरे दिन आज (23 दिसंबर) भी जारी है। 21 दिसंबर को पुंछ में एक टारगेट हमले में भारतीय सेना के चार जवान शहीद हो गए हैं और तीन अन्य घायल हैं।
उसी दिन से आतंकवादियों की तलाश में सुरक्षा बलों ने अपना व्यापक अभियान जारी रखा है। फिलहाल आतंकवादियों से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। सेना का कहना है कि आतंकी यहां से भाग नहीं पाए हैं, ये आतंकी राजौरी-पुंछ के जंगलों में ही छिपे हैं। राजौरी और पुंछ जिलों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

इलाके में ड्र्रोन और अन्य साधनों के जरिए आसमान ने निगरानी रखी जा रही है। सेना ने जमीनी तलाशी अभियान भी तेज कर दी है। खासकर पुंछ जिले के राजौरी सेक्टर में डेरा की गली के वन क्षेत्र में सेना का गश्त लगातार जारी है। एक अधिकारी ने कहा कि आतंकवादियों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है।
जानिए पुंछ आतंकी हमले के बारे में?
आतंकवादियों ने गुरुवार 21 दिसंबर को दोपहर 3:45 बजे धत्यार मोड़ के पास एक मोड़ पर घेराबंदी और तलाशी अभियान में मदद के लिए जा रहे सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया था। जिसमें चार जवान शहीद हो गए और तीन अन्य घायल हैं। दो आतंकियों ने सेना के वाहनों पर विस्फोटक फेंका था।
पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने पुंछ आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकवादियों ने सोशल मीडिया पर हमले वाली जगह की तस्वीरें शेयर की थी, जिसमें अत्याधुनिक अमेरिका निर्मित एम4 कार्बाइन असॉल्ट राइफलों (M4 carbine assault rifles) के इस्तेमाल दिखाया गया है।
एम4 कार्बाइन राइफलों को अमेरिका में 1980 के दशक में बनाया गया था। ये एक लाइट वेट गन है। यह अमेरिकी सेना का हथियार है और इसे 80 से अधिक अन्य देश अपने यहां भी इस्तेमाल करते हैं।












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