ताजा सर्वे: कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी से पंजाब में कांग्रेस को कितना नुकसान?
नई दिल्ली, 15 दिसंबर: पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार चौतरफा मुकाबला तय माना जा रहा है। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री से पहले तक पंजाब में आमतौर पर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन में ही मुकाबला होता था। लेकिन, इसबार समीकरण पूरी तरह से बदल चुका है। पिछले चुनाव में कांग्रेस को सत्ता शिखर तक पहुंचाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इसबार अलग पंजाब लोक कांग्रेस बना चुके हैं। उनकी पार्टी बीजेपी और सुखदेव सिंह ढींढसा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि कैप्टन कांग्रेस का खेल बिगाड़ेंगे यह फिर खुद उनका ही सियासी वजूद खत्म हो जाएगा। एबीपी- सी-वोटर ने इस मुद्दे समेत पंजाब के चुनावी माहौल को लेकर एकदम ताजा सर्वे किया है और परिणाम हैरान करने वाले आए हैं।

फ्री पॉलिटिक्स से आम आदमी पार्टी को पंजाब में फायदा होगा?
सी-वोटर का पंजाब के वोटरों से पहला सवाल था कि फ्री पॉलिटिक्स की वजह से दो-दो बार भारी बहुमत से दिल्ली की सत्ता पर काबिज हो चुकी आम आदमी पार्टी की दाल क्या पंजाब में भी गल पाएगी। पार्टी ने वहां 300 यूनिट बिजली फ्री देने और हर महिला वोटर को 1,000 रुपये हर महीने खाते में देने का चुनावी वादा किया हुआ है। क्या फ्री पॉलिटिक्स से आम आदमी पार्टी को पंजाब में फायदा होगा? इस सवाल के जवाब में पंजाब के लोगों की राय पूरी तरह से बंटी हुई है। आधे यानी 50% लोगों का जवाब है 'हां', लेकिन इतने ही यानी 50% लोग मानते हैं कि इस फ्री वाली पॉलिटिक्स से पंजाब में आम आदमी पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा और इसकी दाल यहां नहीं गलेगी।

कांग्रेस के लिए सिद्धू फायदेमंद या नुकसानदेह ?
पंजाब की कांग्रेस सरकार को विपक्षी दलों से ज्यादा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने ही नाक में दम कर रखा है। उनकी वजह से कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुर्सी जा चुकी है। लेकिन, पूर्व बीजेपी सांसद अपने ऐक्शन-रिएक्शन से मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी चैन नहीं लेने देते। सिद्धू की इस तरह की राजनीति के पीछे की सोच या तो वही जानते हैं या फिर जिन्होंने उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी दे रखी है उन्हें ही पता होगा। लेकिन, जब पंजाब के लोगों से सीधा पूछ लिया गया कि कांग्रेस के लिए सिद्धू फायदेमंद हैं या नुकसानदेह ? तो जहां 40% लोगों को लगता है कि वे कांग्रेस के लिए फायदेमंद हैं। वहीं 60% लोगों को लगता है कि सिद्धू पंजाब में कांग्रेस के लिए नुकसानदेह हैं।

कैप्टन की नई पार्टी से कांग्रेस को कितना नुकसान ?
और अब कांग्रेस के लिहाज से सबसे अहम सवाल की कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी के चुनाव मैदान में होने से कांग्रेस को कितना नुकसान होने जा रहा है तो इसके नतीजे भी चौंकाने वाले हैं। 40% लोगों का मानना है कि इसकी वजह से कांग्रेस को ज्यादा नुकसान होगा। वहीं 32% लोगों की राय है कि नुकसान तो होगा, लेकिन कम नुकसान होगा। और 28% लोग कह रहे हैं कि नुकसान नहीं होगा। यानी कैप्टन की वजह से कांग्रेस को नुकसान होने की आशंका जताने वालों की तादाद 72% है।












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