ब्लैक मनी पॉलिटिक्स: राजनीतिक दलों के खाते में जमा कैश पर नहीं लगेगा टैक्स
देश में काले धन पर रोक लगाने में जुटी मोदी सरकार राजनीति में ब्लैक मनी पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठा पा रही।
दिल्ली। देश में काले धन के खिलाफ नरेंद्र मोदी सरकार ने मुहिम छेड़ रखी है लेकिन राजनीति में ब्लैक मनी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने में अभी भी कसर है।
सरकार ने कहा है कि राजनीतिक दल अपने खातों में 500 और 1000 के पुराने नोटों को जमा कर सकते हैं, उन पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा।

इस बारे में रेवेन्यू सेक्रेटरी ने क्या कहा?
रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि अगर राजनीतिक दलों के खाते में पैसे जमा किए जाते हैं तो उन पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर ये कैश निजी खातों में जमा किए जाएंगे तो यह हमारी जांच के रडार पर आ जाएगा।
रेवेन्यू सेक्रेटरी से जब यह सवाल पूछा गया कि राजनीतिक दल जो कैश अपने खातों में जमा कर रहे हैं, क्या उनकी भी जांच की होगी, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने खाते में पैसे जमा करेगा तो हम उसकी जानकारी लेंगे। राजनीतिक दलों के खाते में आए कैश पर टैक्स नहीं लगेगा।
इनकम टैक्स कानून 1961 में सेक्शन 13A के तहत राजनीतिक दलों को इनकम टैक्स में छूट मिली हुई है।
20,000 रुपए तक के चंदे पर कोई इनकम टैक्स नहीं
रेवेन्यू सेक्रेटरी ने कहा कि राजनीतिक दल, चंदा के तौर मिले 20,000 रुपए तक की राशि खाते में जमा करवा सकते हैं, उसके लिए भी चंदा देने वालों की पहचान के कागजात और रसीद देने होंगे।
30 दिसंबर तक बैंक में जमा कर सकते हैं पुराने नोट
फाइनांस सेक्रेटरी अशोक लवासा ने इससे पहले कहा कि बैंक खातों से पैसे निकालने की लिमिट का रिव्यू 30 दिसंबर के बाद किया जाएगा जिस तारीख तक लोग पुराने नोट बैंक में जमा कर सकते हैं।
सरकार ने नोटबंदी के बाद यह नियम बनाया कि लोग बैंक से एक सप्ताह में 24,000 रुपए तक विथड्रॉल कर सकते हैं। एटीएम से प्रतिदिन 2,500 रुपए निकालने की सीमा तय की।
फिक्की इवेंट में फाइनांस सेक्रेटरी ने कहा कि 30 दिसंबर के बाद रिव्यू करके व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।












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