पोलावरण सिंचाई प्रोजेक्ट: आंध्र के 1.06 लाख परिवार विस्थापित, सभी को दिया जा रहा आवास- केंद्रीय राज्य मंत्री
आंध्र प्रदेश में पोलावरम सिंचाई परियोजना (PIP) के तहत 1,06,006 परिवारों के विस्थापित होने का अनुमान है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने कहा है कि कुल विस्थापितों में से 56,504 परिवार अनुसूचित जनजाति के हैं। उन्होंने बताया कि कुल 56,504 एसटी परिवारों में से 43,689 अल्लूरी सीतारमा राजू और 12,815 एलुरु जिलों से हैं।
वर्ष 2005 में मुआवजा देने के बाद भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन (RFCTLARRR) अधिनियम, 2013 के तहत सरकार व्यवस्था दे रही है। परियोजना के लिए अपनी जमीन खोने वाले आदिवासी पीडीएफ को इंदिरा आवास योजना के विनिर्देशों के अनुसार आवास इकाइयों के साथ-साथ अधिग्रहित भूमि के बराबर या 2.5 एकड़ दोनों में से जो भी कम हो उसे आधार मानकर जमीन प्रदान की जा रही है।

इसके अलावा जातीय, भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए आदिवासियों को अनुसूचित क्षेत्रों में पुनर्वासित किया जा रहा है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने बताया कि पीआईपी को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तरत एक राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। राज्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्रालय के 30 सितंबर, 2016 के ओएम के अनुसार, 1 अप्रैल, 2014 से भारत सरकार आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम 2013 के मुताबिक आर एंड आर समेत पीआईपी के सिंचाई घटक पर खर्च वहन जीओएपी को कर रही है।
विजाग क्रूज टर्मिनल के लिए तैयार
राज्यसभा में वाईएसआरसी सांसद वी विजयसाई रेड्डी के सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्य में पर्यटन विकास को लेकर केंद्र के प्रयासों को जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय रणनीतिक योजना के तहत पर्यटन मंत्रालय ने क्रूज पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति विकसित की है। जिसके तहत राज्य में बुनियादी ढांचे, सर्किट सक्षमता, बाजार विकास और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। विशाखापत्तनम में क्रूज कम तटीय कार्गो टर्मिनल तैयार किया जा चुका है।












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