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PNB Scam: आखिर क्यों हर रोज इतनी रफ्तार से जारी किए गए LOU,ये है वजह

By Ankur Singh
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    नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक के मुंबई शाखा के रिटायर्ड डेप्युटी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी को पीएनबी के 11400 करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। शेट्टी पर आरोप है कि उसने नीरव मोदी व मेहुल चोकसी की बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़े फर्जीवाड़े में मदद की। शेट्टी ने अपने कार्यकाल के अंत में नीरव मोदी की कंपनी को कई एलओयू जारी किया। जिसकी वजह से पीएनबी को अबतक का सबसे बड़ा राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। पीएनबी ने जो आंकड़े साझा किए हैं उसके अनुसार 63 दिन के भीतर 143 एलओयू जारी किए गए, जिसे 1 मार्च 2017 से जारी किया गया था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि 2011 तक पीएनबी ने कुल 150 एलओयू जारी किए थे।

    क्यों जारी किए जल्दबाजी में एलओयू

    क्यों जारी किए जल्दबाजी में एलओयू

    जिस रफ्तार से पीएनबी की ओर से एलओयू जारी किए गए उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, यहां गौर करने वाली बात यह है कि पहले 150 एलओयू जो नीरव मोदी को जारी किए गए उसमे कुल 6500 करोड़ रुपए की राशि सम्मिलित थी, जबकि 143 एलओयू के तहत नीरव मोदी को 3000 करोड़ रुपए के एलओयू दिए गए। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि शेट्टी जल्द से जल्द नीरव मोदी को अधिक से अधिक एलओयू इसलिए जारी कर रहा था ताकि उसके पास से स्विफ्ट का अधिकार जाने से पहले वह इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सके।

    नियमों की धज्जियां उड़ायी

    नियमों की धज्जियां उड़ायी

    शेट्टी पर आरोप है कि उसने लगातार कई एलओयू नीरव व मेहुल को जारी किए जिसकी मदद से दोनों विदेश में बड़ी राशि को हासिल करते थे। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि एलओयू नियमों के खिलाफ 360 दिनों की अवधि के लिए जारी किए गए, जबकि नियमानुसार इन्हें 90 दिन से अधिक की वैद्यता के लिए नहीं जारी किया जा सकता है। शेट्टी पिछले वर्ष मई माह में रिटायर हो गया था, इससे पहले उसने इस बात की पूरी कोशिश की थी कि उसके रिटायर होने के बाद भी नीरव मोदी और मेहुल को एलओयू का लाभ मिलता रहे।

    करोड़ो का एलओयू जारी किया

    करोड़ो का एलओयू जारी किया

    पिछले वर्ष मार्च माह में एक दर्जन एलओयू जारी कर दिए गए, एक मार्च से 2 मई 2017 के बीच हर रोज दो से अधिक एलओयू जारी किए गए। इस दौरान नीरव मोदी के दस्तावेज बैंक के पास मौजूद नहीं थे। 21 मार्च 2017 को पीएनबी ने 10 एलओयू जारी किए जोकि चोकसी की तीन फर्म गीतांजली जेम्स, गिली इंडिया और नक्षत्र ब्रांड को जारी किए गए। अगले ही दिन 14 एलओयू और जारी किए गए, यह एलओयू चोकसी की कंपनी को जारी किए इस बार यह 190000 और 290000 डॉलर के जारी किए गए।

    काफी समय से चल रहा था खेल

    काफी समय से चल रहा था खेल

    इसी तरह 1 मार्च से 20 मार्च 2017 के बीत 33 एलओयू जारी किए गए, यह एलओयू एसबीआई की मॉरीशस ब्रांच को जारी किए गएष 29 अप्रैल और 2 मई को भी छह और एलओयू जारी किए गए। एसबीआई की फ्रैंकफर्ट ब्रांच को भी चोकसी की कंपनी के लिए 21 एलओयू जारी किए गए। साथ ही इंडियन बैंक की हॉककॉग व बहरीन ब्रांच को भी इसी तरह एलओयू जारी किए गए। दिलचस्प बात यह है कि अधिकतर एलओयू को जारी किए जाने वाली तारीख के एक दिन या अगले दिन ही इस्तेमाल कर लिया जाता था। सूत्र के अनुसार सीबीआई से पूछताछ के दौरान पीएनबी के अधिकारी मनोज खरात ने बताया कि यह रोजाना की तर्ज पर होता था और इसे पहले भी अधिकारियों ने किया था, अधिकतर एलओयू 2017-18 के बीच जारी किए गए थे।

    इसे भी पढ़ें- PNB Scam: बैंक अधिकारियों ने CBI के सामने किया बड़ा खुलासा

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    English summary
    PNB Scam Officer issued LOU to Nirav Modi and Mehul Choksi at jet speed. Here is the complete detail of the LOU's released to Nirav and Mehul.

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