Chhattisgarh News: साय सरकार की पहली कैबिनेट के दो वर्ष पूरे

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, दो वर्षों में आठ लाख ग्रामीण आवासों के अनुमोदन और पूरा होने के साथ PMAY ग्रामीण में एक मील का पत्थर मनाता है। राज्य टिकाऊ ग्रामीण विकास के लिए मनरेगा और स्वच्छता पहलों के अनुरूप, जल संरक्षण, सिंचाई और घरेलू आय का समर्थन करने के लिए 10,000 आजीविका तालाब भी शुरू करता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी पहली मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया।

PMAY Gramin milestone in Chhattisgarh

कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों, नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूरा कर राज्य ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। विशेष रूप से पिछले छह महीनों में प्रतिदिन औसतन 2,000 आवासों का निर्माण पूरा किया गया, जो सतत निगरानी और मजबूत कार्ययोजना का परिणाम है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

इसके साथ ही अन्य योजनाओं से अभिसरण करते हुए मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है, जिससे हितग्राहियों को संपूर्ण आवासीय सुविधा मिल सके।

10 हजार आजीविका डबरी से मिलेगा रोजगार और जल संरक्षण को बढ़ावा

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्य ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के तहत किए जा रहे हैं। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी शामिल हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सिंचाई सुविधा, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण और सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है। यह छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+