PM Vishwakarma Yojana: 1 साल में 6 लाख लाभार्थी, 2Cr. से ज्यादा ने कराया रजिस्ट्रेशन, जानें कैसे उठाएं फायद?
PM Narendra Modi Birthday Special: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (17 सितंबर) अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक साल पहले आज के ही दिन पीएम मोदी ने विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) का शुभारंभ किया था। यह योजना भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को समर्थन देने के उद्देश्य से शुरू की गई।
इस योजना का मकसद उन कारीगरों की मदद करना है, जो अपने पारंपरिक हुनर से जीवनयापन करते हैं, जैसे लोहार, बढ़ई, कुम्हार, दर्जी, और कई अन्य। इस योजना के तहत लगभग 6 लाख कारीगरों को विभिन्न प्रकार की आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान की गई है। वहीं, 2023-24 में लगभग 2.45 करोड़ कारीगरों ने इस योजना के तहत आवेदन किया है। आइए आपको रूबरू कराते हैं कि योजना से जुड़ी सभी अहम बातें...

क्या है विश्वकर्मा योजना?
विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य उन पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक और तकनीकी सहायता देना है, जो अपनी हस्तकला और शिल्पकला के माध्यम से आजीविका चलाते हैं। इस योजना के तहत, उन्हें वित्तीय सहायता के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण भी मुहैया कराए जाते हैं, जिससे वे अपने काम में सुधार कर सकें और अपनी आमदनी को बढ़ा सकें।
कौन से कारीगर होते हैं पात्र?
यह योजना उन कारीगरों और शिल्पकारों के लिए है, जो पारंपरिक पेशों से जुड़े हुए हैं। कुछ प्रमुख कारीगर समूह जिन्हें इस योजना का लाभ मिलता है...
- बढ़ई (Carpenters)
- कुम्हार (Potters)
- दर्जी (Tailors)
- सुनार (Goldsmiths)
- लोहार (Blacksmiths)
- मोची (Cobblers)
- नाव बनाने वाले (Boat Makers)
- माला बनाने वाले (Garland Makers)
- इनके अलावा, अन्य पारंपरिक कारीगर भी इस योजना के तहत पात्र हो सकते हैं, जिनका नाम इस सूची में नहीं है।
क्या लाभ मिलते हैं?
वित्तीय सहायता: योजना के तहत कारीगरों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार ऋण की सुविधा दी जाती है।
- पहला ऋण: ₹1 लाख तक का ऋण।
- दूसरा ऋण: सफलतापूर्वक पहले ऋण का भुगतान करने पर ₹2 लाख तक का ऋण मिल सकता है।
- ब्याज दर: यह योजना बेहद कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करती है। कारीगरों को 5% की ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है, जो अन्य सामान्य ऋणों की तुलना में बहुत कम है।
- स्किल अपग्रेडेशन: कारीगरों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे अपने काम में दक्षता ला सकें और उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकें।
- उपकरणों की मदद: कारीगरों को उनके कार्यों के लिए आधुनिक उपकरण भी दिए जाते हैं, जिससे उनका काम सरल और अधिक प्रभावी हो सके।
- डिजिटल और ब्रांडिंग सहायता: कारीगरों को डिजिटल भुगतान, मार्केटिंग, और ब्रांडिंग की भी मदद दी जाती है, ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बेच सकें।
अधिकतम ऋण अवधि
इस योजना के तहत मिलने वाले ऋण की अधिकतम अवधि 18 महीने से 5 साल तक हो सकती है, जो ऋण की राशि और कारीगर की आवश्यकता पर निर्भर करती है। कारीगर अपनी सुविधा के अनुसार किश्तों में भुगतान कर सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ महसूस नहीं होता है।
क्या है लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया?
- आवेदन: सबसे पहले, कारीगरों को योजना के लिए आवेदन करना होता है। इसके लिए वे अपने नजदीकी बैंक, जिला उद्योग केंद्र या सरकार द्वारा स्थापित किसी अन्य पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
- दस्तावेज: कारीगरों को आवेदन के साथ कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होते हैं, जैसे कि आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, और उनकी पारंपरिक कारीगरी का प्रमाण।
- प्रशिक्षण: आवेदन स्वीकार होने के बाद कारीगरों को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें उन्हें आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के बारे में जानकारी दी जाती है।
- ऋण स्वीकृति: प्रशिक्षण के बाद, ऋण के लिए कारीगरों का आवेदन बैंक द्वारा स्वीकृत किया जाता है और ऋण राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाती है।
क्या है योजना की पात्रता? (Eligibility Criteria)
- पारंपरिक कारीगरी से जुड़ा होना: इस योजना का लाभ केवल उन कारीगरों को मिलेगा जो पारंपरिक शिल्पकारी और हस्तकला से जुड़े हुए हैं।
- आय प्रमाण पत्र: कारीगर की आय सीमित होनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे आर्थिक सहायता के हकदार हैं।
- बैंक खाता: कारीगर के पास एक वैध बैंक खाता होना आवश्यक है, ताकि ऋण की राशि उनके खाते में जमा की जा सके।
PM Vishwakarma Yojana के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
- स्टेप 1: सबसे पहले, पीएम विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट [https://pmvishwakarma.gov.in] पर जाएं। यहां आपको अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का उपयोग करके रजिस्टर करना होगा।
- स्टेप 2: रजिस्टर करने के बाद, आपको ओटीपी ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड सत्यापित करना होगा।
- स्टेप 3: सत्यापन पूरा होने के बाद, आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, और व्यापार से संबंधित जानकारी भरनी होगी। फॉर्म भरने के बाद उसे जमा कर दें।
- स्टेप 4: फॉर्म जमा करने के बाद, आप अपनी डिजिटल आईडी और विश्वकर्मा योजना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
- स्टेप 5: इसके बाद, दिए गए क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके PM Vishwakarma Yojana पर लॉगिन करें। पोर्टल पर विभिन्न योजना कंपोनेंट्स के लिए आवेदन कर सकते हैं और आवश्यक डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर सकते हैं।
- स्टेप 6: अब, सभी जानकारी और दस्तावेज़ जमा करने के बाद, आवेदन पत्र को विचारार्थ जमा करें।
- स्टेप 7: आवेदन जमा करने के बाद, आपके आवेदन का अधिकारी सत्यापन करेंगे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आप योजना के तहत लोन और अन्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
PM Vishwakarma Yojana के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- जाति प्रमाणपत्र
- बैंक अकाउंट पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- ईमेल आईडी
2024 में योजना की स्थिति
2024 तक, विश्वकर्मा योजना के तहत हजारों कारीगर लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार ने योजना को और विस्तारित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। डिजिटल इंडिया अभियान के साथ इस योजना को भी जोड़ा गया है, जिससे कारीगरों को आधुनिक तकनीकी साधनों के साथ-साथ डिजिटलीकरण की सुविधाएं भी मिल रही हैं।












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