यूरोपीय यूनियन की समिट में पीएम मोदी ने लिया हिस्सा, आपसी संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर
नई दिल्ली, 08 मई: 8 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बात शुरू हो गई है। इसके तहत शनिवार को भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) लीडर्स के बीच वर्चुअल समिट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। उन्हें यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने विशेष रूप से आमंत्रित किया था। पीएम के अलावा बैठक में ईयू के 27 स्टेट/गवर्नमेंट के हेड भी मौजूद हैं।

बैठक के बाद पीएम ने ट्वीट में लिखा है कि कोरोना को हराने में हमारी ये साझा साझेदारी बहुत जरूरी है। इसके अलावा हमें स्थायी और समावेशी रिकवरी पर भी जोर देना होगा। पीएम मोदी ने इस बात पर भी खुशी जाहिर की है कि यूरोपीय संघ की तरफ से हमेशा भारत संग मजबूत रिश्तों की वकालत की गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत रिश्ते पूरी दुनिया के लिए मायने रखते हैं और इनका भविष्य में भी सशक्त बने रहना बहुत जरूरी है।
वहीं यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि कोरोना महामारी आते ही पूरी दुनिया को टीका उपलब्ध करवाने के लिए यूरोपीय यूनियन ने फंड इकट्ठा करने में एकजुटता दिखाई। इसके अलावा COVAX में भी हमारी महत्वपूर्ण भूमिका रही, ताकी वैक्सीन दुनिया के हर देश तक पहुंच सके। मौजूदा वक्त में फैक्ट ये है कि हम टीके का निर्यात कर रहे हैं। इससे हमारी एकजुटता और आपसी भागीदारी दिखती है।
वहीं ईयू-इंडिया लीडर मीटिंग के संयुक्त बयान में कहा गया कि ये बैठक एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाती है। ये हमारे लोगों के लिए एक बेहतर भविष्य की ओर हमारे संबंधों को मजबूत करती है। बैठक में मौजूद सभी देशों के प्रतिनिधियों ने महामारी की वजह से दुनियाभर में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं बैठक में भारत ने महामारी के मुश्किल वक्त में जल्द मदद उपलब्ध करवाने के लिए EU सदस्यों की सराहना की।












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