सीएए-यूसीसी से तीन तलाक तक, पीएम मोदी के वो अहम फैसले,जिनपर विरोध के बावजूद अडिग रहे वो

वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार 2 अप्रैल को अल्पसंख्यक कल्याणा मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में पेश कर दिया। जो देर रात लोकसभा में पास हो गया है। लोकसभा में पारित हुए वक्फ (संशोधन) विधेयक के पक्ष में 288 वोट, विधेयक के खिलाफ 232 वोट पड़े। एनडीए की सहयोगी पार्टियां इस विधेयक का पक्ष तो विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया। इस बीच हम आपको पीएम नरेंद्र मोदी के उन फैसलों के बारे में बताने जा रहे है, जिनपर विरोध के बावजूद वो अडिग खड़े रहे।

साल 2014 में सत्ता संभालने के पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), तीन लाक का खात्मा और यूनिफॉर्म सिविल कोड (CAA) जैसे कई बड़े फैसले लिए हैं, जो सीधे मुस्लिम समाज से जुड़े हुए हैं। मोदी सरकार के इन फैसलों ने व्यापक बहस, समर्थन और विरोध को जन्म दिया। सीएए के खिलाफ तो देश के कुछ राज्यों में हिंसक प्रदर्शन भी हुआ था।

Narendra Modi

इस हिंसक प्रदर्शन में कई लोगों की जान भी गईं थी। मुस्लिम संगठनों ने मोदी सरकार के इन फैसलों को धार्मिक स्वतंत्रता और पहचान पर बड़ा खतरा बताया था। लेकिन, मोदी सरकार ने इन्हें समय और परिस्थिति के अनुरूप लिया प्रगतिशील फैसला बताया था। सरकार ने तर्क दिया कि ये फैसले सुधार और समानता की दिशा में बढ़ाए गए कदम हैं।

2017 में पेश हुआ था तीन तलाक

तत्कालीन कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक पर 28 दिसंबर, 2017 का मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक लोकसभा में पेश किया था। यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें उनके पतियों द्वारा मनमाने ढंग से दिए जाने वाले तलाक से बचाने के लिए था।

इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त2017 को तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया था। इसके बाद मोदी सरकार ने इसे आपराधिक बनाने के लिए कानून बनाया और ये बिल जुलाई 2019 में कानून बना। उस वक्त मुस्लिम संगठनों ने इस कानून का तीव्र विरोध किया था। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा था कि ये कानून मुस्लिम परिवारों को तोड़ने वाला है।

इस कानून के खिलाफ दारुल उलूम देवबंद ने इसे गैर-जरूरी करार दिया और लखनऊ-इलाहाबाद में मुस्लिम संगठनों ने प्रदर्शन किए। मुस्लिम नेताओं का कहना था कि यह कानून मुस्लिम पुरुषों को निशान बनाता है और पारिवारिक विवादों को आपराधिक बनाता है। हालांकि, कई महिला संगठनों ने इस कानून का सपोर्ट किया था।

Take a Poll

नागरिकता संशोधन कानून (CAA)

तीन तलाक के बाद नागरिकता संशोधन कानून लाना मोदी सरकार का एक और बड़ा कदम था। सीएए को 9 दिसंबर 2019 को सदन में पेश किया था और 11 दिसंबर 2019 को पास किया था। हालांकि, मोदी सरकार के इस कदम का मुस्लिम संगठनों ने कड़ा विरोध किया था। यूपी में इस कानून को लेकर हिंसा तक हुई थी और पुलिस को फायरिंग तक करनी पड़ी थी।

मुस्लिम संगठनों ने बिना समझे इस कानून को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के साथ जोड़ा था। इस वजह से मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा फैल गई, देश भर में व्यापक प्रदर्शन हुए। हालांकि, सरकार ने तर्क दिया था कि यह कानून धार्मिक उत्पीड़न से पीड़ित अल्पसंख्यकों को शरण देने के लिए है न कि मुस्लिमों के खिलाफ है।

ये भी पढ़ें: Waqf Bill: क्या है ज्वांइट पार्लियामेंट कमेटी (JPC) जिसने वक्फ संशोधन विधेयक में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका?

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर अभी नहीं बना कानून

बीजेपी अपने घोषणापत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का जिक्र करती आई है और यह बीजेपी का काफी अहम एजेंडा है। बीजेपी केंद्रीय स्तर पर यूसीसी पर कानून नहीं बना सकी है। लेकिन, मोदी सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में अपना इरादा जताया है। बता दें कि बीजेपी शासित उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है।

वही, अब यूसीसी को गुजरात में भी लागू करने की तैयारी है। इसके लिए सीएम भूपेंद्र पटेल ने एक कमेटी बनाई है। मोदी सरकार का तर्कहै कि यूसीसी से लैंगिक समानता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देगा। संविधान के अनुच्छेद 44 में भी इसका उल्लेख है। लेकिन, मुस्लिम संगठनों ने इसे शरीयत पर हमला बताया है और कहा है कि ये कानून धार्मिक अधिकारियों में अतिक्रमण है।

वक्फ संशोधन पर आगे बढ़ रही मोदी सरकार

वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 के साथ मोदी सरकार आगे बढ़ गई है। पहली बार अगस्त 2024 में वक्फ बिल लोकसभा में पेश किया गया था। यह बिल वक्फ बोर्ड के प्रबंधन और संपत्तियों में सुधार के लिए हैं। इसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने, संपत्ति सर्वेक्षण और पादर्शिता जैसे प्रावधान हैं।

ये भी पढ़ें: Waqf Amendment Bill: क्यों लाया गया वक्फ बिल? अखिलेश यादव ने बताया, केंद्र को भी घेरा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+