2018 के बजट में पीएम मोदी दे सकते हैं मिडिल क्लास को कई बड़ी सौगातें
नई दिल्ली। भाजपा और मोदी सरकार ने 2019 के चुनावों के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने आखिरी पूर्ण बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात देने की योजना बना रही है। भाजपा मध्य वर्ग को अपना सबसे बड़ा वोट बैंक मानती है। इसलिए आगामी बजट में सरकार टैक्स से जु़ड़ी कई बड़ी राहतें इस वर्ग को दे सकती हैं। एनडीए सरकार मध्यम वर्ग के करदाताओं को नए लाभ देने की संभावनाएं तलाश रही है।

इन मदों में दे सकती है सरकार बड़ी छूट
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, सरकार में टैक्स छूट, हेल्थ इंश्योरेंस पर अतिरिक्त लाभ, एफडी पर अधिक ब्याज का ऐलान किए जाने पर विचार कर रही है। बीते कुछ महीनों में सेंसेक्स में उछाल और म्युचूअल फंड्स के रिटर्न में इजाफा होने के चलते लोगों का सरकारी निवेश योजनाओं का आकर्षण कम होता दिख रहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा चुके हैं कि सरकार लोगों के पास अधिक फंड छोड़ने पर विश्वास करती है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा खर्च और निवेश कर सकें।

नोटबंदी और जीएसटी से राजकोषीय स्थिति कमजोर
कॉर्पोरेट टैक्स में कमी और जीएसटी के चलते राजस्व घटने की वजह से राजकोषीय स्थिति काफी कमजोर मानी जा रही है। सरकार अगामी वित्त वर्ष के लिए राजस्व इकट्ठा करने की संभावनाए तलाश रही है। जिसे वह मध्यम वर्ग को बजट में रियायत दे सके। सूत्रों का कहना है कि सरकार का एक वर्ग स्टॉक मार्केट ट्रांजक्शनस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स को बढ़ाने के पक्ष में है। जिससे 5 लाख रुपये तक के ट्रांजक्शन पर राहत मिलेगी। इसके अलावा लेवी भी 10 फीसदी से भी कम की जा सकती है।

सरकार टैक्स कम करती है तो निवेशकों पर पड़ेगा असर
यह प्रस्ताव एनडीए सरकार मध्यम वर्ग और गरीब तबके के लोगों को राहत देने वाला है। जो कि उनकी रणनीति का एक हिस्सा है। हाल ही में इस वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने 200 आइटम्स को 28 फीसदी जीएसटी के दायरे से बाहर किया था। नाम ना छापने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि, सरकार के इस कदम से 5,000 निवेशकों पर बुरा असर होगा, लेकिन इससे 5 करोड़ परिवारों को लाभ भी होगा।'

अरुण जेटली के साथ मिलकर इस कदम की घोषणा करेंगे पीएम
नबंवर में वित्त मंत्रालय की एक बैठक में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लागू करने का सुझाव दिया था, उनका तर्क था कि इससे बाजार में घर्षण खत्म होगा और पैनी शेयरों में हेरफेर की समस्या से निपटा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, टैक्स पैकेज पीएम मोदी के एरक राजनीतिक कदम होगा जो अरुण जेटली के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। अगर सरकार इस ओर कदम बढ़ाती है तो टैक्स में छूट का फैसला लेते हुए सरकार को यह भी ध्यान रखना होगा कि इससे उसके फ्लैगशिप कार्यक्रमों के लिए संसाधनों की कमी न हो सके।












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