5 बातों के इस लेख को PM नरेंद्र मोदी के विरोधी ज़रूर पढ़ें

कहते हैं कमियां ढूंढना दुनिया का सबसे सरल काम है। कभी-कभी गैर-जरूरी कमियां ढूंढकर लोकतंत्र ऐसी बातों में उलझ जाता है जहां से ना ही विकास की राह तय होती है और ना ही स्पष्ट राजनति की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुशासन का वादा कर सत्ता में आए हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट को आधार बनाएं तो उनके इस वादे का असर अब दिखने लगा है। विपक्ष लगातार नारा लगा रहा है कि 'अच्छे दिन दिख नहीं रहे हैं' पर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय तौर नई सरकार का असर देखा जा सकता है।

इतना ही नहीं, डब्ल्यूईएफ की सालाना अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी दफ्तरों में पक्षपात को लेकर भारत की रैंकिंग में 45 अंक का सुधार हुआ है। यह 94वें से 49वें नंबर पर आया है। चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले हम पीछे हैं पर उम्मीद की दमदार किरण हमें वक्त के साथ आगे ले जाएगी इस पर भी इंकार नहीं है। इन 5 बातों में समझें कि‍स तरह मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय-राष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित किया है-

बात भरोसे की

बात भरोसे की

भरोसे के पहलू पर पिछले साल भारत 115वें स्थान पर था। अब 50वें स्थान पर है। यानि भरोसा 65 अंक बढ़ा है। इस पहलू पर सिंगापुर पहले, कतर दूसरे और संयुक्त अरब अमीरात तीसरे नंबर पर हैं। यह वाकई प्रेरित करने वाला आंकड़ा है।

बात पक्षपात की

बात पक्षपात की

पक्षपात पर इससे पहले भारत 94वें स्थान पर था। अब 49वें स्थान पर है। कतर पहले, न्यूजीलैंड दूसरे और सिंगापुर तीसरे स्थान पर हैं। यह बड़ा राजनैतक बदलाव साबित हो सकता है।

बात धन की बर्वादी की

बात धन की बर्वादी की

इस मायने में पिछले साल भारत 98वें स्थान पर था। अब 60वें पर गया है। स्थिति में सुधार 38 अंकों का पया गया है। न्यूजीलैंड पहले, डेनमार्क दूसरे और फिनलैंड तीसरे नंबर पर है। कालेधन पर सरकार की पहल भी इस मायने का गवाह है।

बात रिश्वत की

बात रिश्वत की

घूसखोरी में पिछले साल भारत 10वें स्थान पर था। अब 93वें स्थान पर है। सबसे कम घूसखोरी के साथ न्यूजीलैंड पहले, फिनलैंड दूसरे और सिंगापुर तीसरे स्थान पर है। हालांकि अभी पूरी तरह से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की पहल हई है, यह नहीं कहा जा सकता...

बात निर्णयपरक होने की

बात निर्णयपरक होने की

उदाहरण के तौर पर पीएम मोदी ने इस स्वतंत्रता दिवस पर हर सांसद को एक-एक गांव गोद लेने का निर्देश दिया था। करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा ने नलीपार गांव को गोद लिया है। गांव की कुल आबादी साढ़े 8 हजार है। गांव की सरपंच प्रकाशी देवी के अनुसार कि सांसद ने गांव में 5 शौचालयों का निर्माण शुरू करवा दिया गया है।

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