दूसरे देशों में सबसे ज्यादा सम्मान पाने वाले शख्स पीएम मोदी
बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले पांच वर्षों में अंतरराष्ट्रीय नेता बनकर उभरे हैं। उनके प्रयासों से भारत की जय जयकार पूरी दुनिया में हो रही हैं। अंतराष्ट्रीय मंच पर नये भारत की जो उन्होंने तस्वीर दिखायी उसके बाद पूरी दुनिया ने भारत का लोहा माना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'अवॉर्ड ऑफ जायद' से सम्मान ने 13करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया हैं। हर भारतीय गौरान्वित महसूस कर रहा हैं।इस सम्मान के बाद पीएम मोदी दूसरे देशों में सबसे ज्यादा सम्माान पाने वाले शख्स बन चुके हैं।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया गया। जिससे पता चलता है कि उन्होंने मुस्लिम वर्ल्ड से भारत के संबंध बेहतर बनाने के लिए कितने प्रयास किए हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत पाकिस्तान को चेतावनी देता रहा है लेकिन पाकिस्तान आतंक को रोकने के बजाय भारत के खिलाफ जाने से नहीं हिचकिचाता। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से ही ये बात कहते आए हैं कि ये पुरस्कार किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि 130 करोड़ भारतीयों और उनकी मूल्य प्रणाली के लिए हैं।
इससे पहले पीएम मोदी को संयुक्त राष्ट्र और दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, फलस्तीन, अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों द्वारा छह पुरस्कार दिए गए हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह को सिर्फ एक-एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 से लेकर अब तक के साढ़े पांच साल के कार्यकाल में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'अवॉर्ड ऑफ जायद' से सम्मान समेत विदेशों में 10 से अधिक अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं ।
आइये जानते हैं ये कौन से हैं सम्मान -

हाल ही में मिला ये अवार्ड
बीते शनिवार को बहरीन के राजा के साथ मुलाकात के दौरान पीएम मोदी को द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनसां से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने बहरीन की ओर से यह सम्मान मिलने के बाद कहा, 'मैं द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनसां से सम्मानित होने से खुद को सम्मानित और सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा की यह पूरे भारत के लिए सम्मान की बात है। यह बहरीन और भारत के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।'

10 फरवरी 2018
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 फरवरी 2018 को फलस्तीन में ग्रांड कॉलर पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार विदेशी मेहमानों को दिया जाने वाला फलस्तीन का सर्वश्रेष्ठ सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी को द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने में उठाए गए कदमों लिए किए यह सम्मान दिया गया था। मोदी से पहले सऊदी अरब के किंग सलमान, बहरीन के किंग हामाद, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सहित अन्य को इसे दिया गया है। साल 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी के फिलीस्तीन में ग्रैंड कॉलर सम्मान से नवाजा जा चुका है. बता दें, यह विदेशी मेहमानों को दिया जाने वाला फिलीस्तीन का सर्वश्रेष्ठ सम्मान है।

2016 में मिला यह सम्मान
2016 में पीएम मोदी अफगानिस्तान के दौरे पर थे। ऐतिहासिक अफगान-भारत मैत्री बांध के उद्घाटन के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उन्हें चार जून को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान आमिर अमानुल्लाह खान पुरस्कार से सम्मानित किया। इस पुरस्कार का नाम अफगानिस्तान के राष्ट्रीय नायक और राजा अमानुल्लाह खान (गाजी) के नाम पर रखा गया है, जो अफगानिस्तान की स्वतंत्रता के शूरवीर थे। अफगानिस्तान सरकार ने इस पुरस्कार का साल 2006 में गठन किया था।

8 जून वर्ष 2019 में
8 जून वर्ष 2019 में भारत के प्रधानमंत्री मालदीव दौरे पर गए। जहां उन्हें मालदीव के सबसे बड़े नागरिक सम्मान "निशान-इज्जुद्दीन" (Nishan Izzuddeen) से नवाजा गया। आपको बता दें, इससे पहले भी मोदी को कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है. आइए जानते हैं कि अब तक पीएम मोद को कौन-कौन से सम्मान मिल चुके हैं। यह सम्मान गणमान्य विदेशी व्यक्तियों को दिया जाता है. ये मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है. आपको बता दें, पीएम मोदी मालदीव के एकदिवसीय दौरे पर हैं. दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद ये उनका पहला विदेशी दौरा है.

रूस का सबसे बड़ा सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान- सेंट एंड्रयू अवॉर्ड से सम्मानित किया था। इसकी मंजूरी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी दी थी। ये सम्मान उन्हें भारत और रूस के रिश्तों को मजबूत और विशेष रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है। इस सम्मान की विशेषता इस बात से समझी जा सकती है कि इसकी स्थापना रूस से महानतम जार शासक ने वर्ष 1698 में की थी और हाल के वर्षों में ही इसे गैर रूसी व्यक्तित्वों को देने की परंपरा शुरु की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले यह सम्मान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, कजाखस्तान के राष्ट्रपति नजारबायेव और अजरबेजान के राष्ट्रपति हैदर अलीयेव को दिया गया है।
यह भी मिले अवार्ड -
दक्षिण कोरिया ने सियोल शांति पुरस्कार
अक्टूबर, 2018 को सियोल शांति पुरस्कार दिया गया।दक्षिण कोरिया ने सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह यह सम्मान हासिल करने वाले पहले भारतीय और दुनिया की 14वीं शख्सियत हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सियोल पुरस्कार समिति ने भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में उनके योगदान को मान्यता देते हुए और अमीर और गरीब के बीच सामाजिक और आर्थिक विषमता को कम करने के लिए उनकी विशिष्ट आर्थिक नीतियां मोदीनॉमिक्स को श्रेय देते और भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि, विश्व शांति, मानव विकास में सुधार और भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए दिया गया था।
मोदी ये पुरस्कार से नवाजे जाने वाले 14वें व्यक्ति हैं। और पिछले बार ये संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान को दिया गया था। उससे पहले जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल जैसी हस्तियां और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स और ऑक्सफैम जैसे प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय राहत संगठन शामिल हैं
"चैंपियंस ऑफ अर्थ"
पर्यावरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN)ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "चैंपियंस ऑफ अर्थ" के खिताब से सम्मानित किया था. पीएम मोदी के अलावा ये अवॉर्ड फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो को भी दिया गया था. बता दें, मोदी को ये अवॉर्ड पिछले साल अक्टूबर महीने में दिया गया था।
फिलिप कोटलर प्रेशिडेंशियल अवॉर्ड
जनवरी 2019 में फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। नरेंद्र मोदी को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और भारत के प्रति निस्वार्थ सेवा के लिए प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड के लिए चुना गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित अर्थशास्त्री प्रो फिलिप कोटलर का, जिनके नाम पर ये सम्मान स्थापित किया गया है। उन्हीं कोटलर ने भारतीय प्रधानमंत्री के चयन को सही ठहराते हुए ट्वीट किया था, 'मोदी के प्रयासों से भारत में असाधारण आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी विकास हुआ है।
'प्रशस्तिपत्र में कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान अब नवाचार और मूल्यवर्धित विनिर्माण (मेक इन इंडिया) के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, लेखांकन एवं वित्त जैसे पेशेवर सेवाओं के केंद्र के रूप में उभरी है। प्रशस्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से सामाजिक लाभ और वित्तीय समावेशन के लिये विशिष्ट पहचान संख्या, आधार सहित डिजिटल क्रांति (डिजिटल इंडिया) हो सकी।इसमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसी पहलों की चर्चा की गई है। प्रोफेसर फिलिप कोटलर नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग के एक विश्व प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं।












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