प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ दौरे के पीछे छुपे पांच बड़े मकसद
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज हमेशा खास रहता है, चाहे मौका कोई भी हो। इसका ताजा उदाहरण विजयदशमी पर देखने को मिला जब प्रधानमंत्री मोदी परंपरा को तोड़ते हुए लखनऊ पहुंच गए। आखिर उनके इस दौरे का मकसद क्या था पढ़िए आगे...

परंपरा तोड़ते हुए दशहरे पर पीएम पहुंचे लखनऊ
लखनऊ के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐशबाग के ऐतिहासिक रामलीला मैदान पहुंचे और रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की। पीएम मोदी ने इस मौके पर जय श्रीराम से अपना संबोधन शुरू किया और समापन भी इसी से किया।
उनके संबोधन में आतंकवाद का जिक्र तो था ही साथ ही महिलाओं का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने बताया कि दशहरे के साथ-साथ मंगलवार को 'अंतरराष्ट्रीय गर्ल चाइल्ड डे' है। इसके साथ ही उन्होंने सांप्रदायिकता के मुद्दे को उठाते हुए जात-पात, वंशवाद के रावण को मारने की बात कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ में दशहरा मनाने और इस मौके पर उनके दिए संबोधन से कई बड़ी बातें उभर कर सामने आई। आखिर क्या था पीएम मोदी का एजेंडा...पढ़िए आगे।

यूपी चुनाव मोदी के नाम पर लड़ने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरे के मौके पर लीक से हटकर लखनऊ का दौरा किया। अभी तक प्रधानमंत्री दिल्ली की रामलीला का हिस्सा बनते थे लेकिन पीएम मोदी दिल्ली में नहीं रुक कर लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान पहुंचे। उनके इस कदम से साफ है कि बीजेपी एक बार फिर मोदी के नाम पर यूपी चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है।
बीजेपी यूपी में कोई सीएम उम्मीदवार उतारने को लेकर योजना नहीं बना रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी यूपी को लगातार अपने फोकस पर रख रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह भी पीएम मोदी के साथ लखनऊ में थे। इन सब फैसलों से ये कहा जा सकता है कि बीजेपी अब अपनी रणनीति यूपी को नजर में रख कर बना रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूपी में चेहरा बनाने के पीछे सर्जिकल स्ट्राइक भी अहम वजह है। भारतीय सेना के 28 सितंबर को पीओके घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पीएम मोदी कि लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। बीजेपी को को लग रहा है कि लोग पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं। शायद इन्हीं वजहों से बीजेपी अब मोदी को ही यूपी का चेहरा बनाने पर जोर दे रही है। इसकी बानगी लखनऊ में पीएम मोदी के पहुंचने से साफ भी हो गया।

जय श्री राम से शुरू, जय श्रीराम पर खत्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरे के मौके पर लखनऊ में अपनी बात की शुरूआत जय श्रीराम के नारे से की। वहीं अपने संबोधन का समापन भी उन्होंने जय श्रीराम के नारे से की। उनके इस अंदाज से साफ हो गया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी रणनीति साफ है। राम का मुद्दा इस चुनाव में अहम रोल अदा कर सकता है। ये बात पीएम मोदी को भलीभांति पता है।
राम के नाम से अपनी बात शुरू करके पीएम मोदी ने जता दिया कि चुनाव में राम का नाम सुनाई देता रहेगा। दशहरे पर लखनऊ में संबोधन के दौरान उनकी बातों से इस बात के संकेत भी मिले कि बीजेपी इस बार हिंदुत्व के एजेंड पर लौट सकती है। इस मुद्दे को बीजेपी आगामी चुनाव में हथियार के तौर पर आजमा सकती है।

उत्तर प्रदेश से जुड़ाव साबित करने की कोशिश
परंपरा तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान पहुंचे और रावण दहन कार्यक्रम के गवाह बने। अपने इस कदम से उन्होंने ये जता दिया कि उनके मन में उत्तर प्रदेश के लिए खास जुड़ाव है। बता दें कि पीएम मोदी यूपी के वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद हैं। वह समय-समय पर यूपी का दौरा करते रहते हैं।
दशहरे जैसे अहम मौके पर पीएम मोदी के लखनऊ दौरे को लेकर संभावना यही है कि उनकी नजर आगामी यूपी चुनाव पर है। इसीलिए उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुझे आज अति प्राचीन रामलीला में शामिल होने का सौभाग्य मिला है। जो मेरे लिए गौरव की बात है। बता दें कि लखनऊ में रावण दहन की थीम आतंकवाद थी। वहां आतंकवाद रूपी रावण को जलाया गया।

महिलाओं के जिक्र के जरिए आधी आबादी पर फोकस
विजयदशमी के मौके पर लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन के दौरान महिलाओं और बच्चियों की स्थिति का जिक्र किया। माना जा रहा है कि ये उनकी अहम रणनीति का हिस्सा है। पीएम मोदी ने इस मुद्दे को उठाकर आधी आबादी पर खास फोकस किया। उन्हें पता है कि अगले साल यूपी चुनाव है। जिसमें महिलाओं का वोट भी अहम हो सकता है। यही वजह है कि उन्होंने विजयदशमी के मौके पर अपने संबोधन में महिलाओं और बेटियों के मुद्दे का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें बेटियों को लेकर अपनी मानसिकता को बदलना होगा, साथ ही बेटियों की सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील भी लोगों से की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम हर साल रावण को जलाते हैं लेकिन क्या इस परंपरा से सबक लेते हैं। हमें रावण को जलाते समय सबक लेना चाहिए कि हम अपने भीतर के रावण को भी जलाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक सीता माता पर जुल्म करने वाले रावण को हम हर साल जलाते हैं लेकिन बेटियों को लेकर हम फर्क करते हैं। हम उन्हें गर्भ में ही मार देते हैं। बेटियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ये बताना नहीं भूले कि मंगलवार को दशहरे के साथ-साथ 'अंतरराष्ट्रीय गर्ल चाइल्ड डे' भी है। कुल मिलाकर पीएम मोदी ने लोगों को महिलाओं और लड़कियों के प्रति अपना नजरिया बदलने, उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि एक नारी (सीता) के सम्मान के लिए जटायु रावण से टकरा सकते हैं। सीता के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं। ऐसे में क्या हमारा अपने घर की सीता को बचाने का दायित्व नहीं है। क्या हम जटायु की तरह रावण से युद्ध नहीं कर सकते। उन्होंने इस मौके पर लोगों से महिलाओं-बेटियों की रक्षा का संकल्प भी लेने को कहा।

आतंकवाद के जरिए राष्ट्रवाद के मुद्दे को उभारने की कोशिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से आतंकवाद का मुद्दा उठाया। इसके जरिए उन्होंने राष्ट्रवाद को उभारने की कोशिश भी की। पीएम मोदी ने विजयदशमी पर अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की इस बात के पीछे कहीं न कहीं पाकिस्तान ही उनके निशाने पर था। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। इशारों ही इशारों में उन्होंने कहा कि जो भी लोग आतंकवाद को पनाह दे रहे हैं उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जा सकता। आतंकवाद के खिलाफ पूरे विश्व को एकजुट होना होगा।












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