यूपी के सांसदों की मोदी कैबिनेट में बढ़ेगी भागीदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां अपनी कमर कस रही है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में पहुंचाने में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी भूमिका रही। अकेले यूपी ने 80 में से 71 सीटें भाजपा की छोली में डाली। यूपी में इस बंपर जीत को भाजपा विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहती है।

यूपी में अपनी धमाकेदार एंट्री के लिए भाजपा यूपी से और सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। इस रेस में सबसे आगे हेमा मालिनी, बागपत से बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह रेस में सबसे आगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में भाजपा में जान फूंकने के इस हफ्ते सहारनपुर में रैली को भी संबोधित करेंगे।
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पार्टी के सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के सांसदों की कैबिनेट में भागीदारी को बढ़ाने जा रहे हैं। मथुरा से सांसद हेमा मालिनी को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वहीं रालोद के अजीत सिंह को हराने वाले मुंबई के पूर्व कमिश्नर सत्यपाल सिंह को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती हैं। दोनों ही नेता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं।
भाजपा उत्तर प्रदेश को लोकसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी तैयारी के रूप में देख रही है। ऐसे में यूपी से अधिक प्रतिनिधित्व को कैबिनेट में लाकर केंद्र सरकार यूपी का रास्ता तय करना चाहती है पार्टी के सूत्र की मानें तो जाटों के वोट में बड़ी सेंधमारी करने वाले सत्यपाल सिंह और हेमा मालिनी के जरिए पार्टी जाट के वोटों को अपनी ओर करना चाहती है।
जिस तरह से हाल में जाटों ने बड़े आंदोलन किये उसने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए वह जाटों को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों का काफी दबदबा है जिसे पार्टी बखूबी समझती है। हाल में हरियाणा में जाट आंदोलन की आंच यहां तक पहुंच सकती है। मौजूदा समय में मुजफ्फरनगर से भाजपा सांसद संजीव बाल्यान ही एकलौते ऐसे मंत्री हैं जो जाटों का प्रतिनिधित्व कैबिनेट में कर रहे हैं।












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