कैबिनेट विस्तार, कहानी मनोहर पार्रिकर से आगे की
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)केन्द्र की मोदी सरकार के रविवार को होने वाले विस्तार को लेकर हालांकि सारी चर्चा मनोहर पर्रिकर को लेकर सिमट रही है,जो रक्षा मंत्री बनाए जा रहे है, पर दावेदार तो और भी बहुत से हैं।

इसके अलावा कइयों के विभाग बदले जाएँगे,तो कइयों का बोझ कम हो सकता है।
अगर बात राजस्थान से शुरू करें तो कहने वाले कह रहे हैं कि यहां से दो मंत्री बन रहे हैं। इनमें गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ कर्नल सोनाराम चौधरी को कैबिनेट में लिया जा सकता है। सोनाराम ने जसवंत सिंह को हराया था। दिल्ली से मीनाक्षी लेखी को कैबिनेट में लिए जाने की खबरें हैं।
रमेश बैस और अनुराग ठाकुर का भी नाम
इसके साथ ही महाराष्ट्र से दिलीप गांधी, छत्तीसगढ़ से रमेश बैस, बिहार से गिरिराज सिंह, उत्तराखंड से अजट टमटा, हिमाचल प्रदेश से अनुराग ठाकुर, उत्तर प्रदेश से रामचरित्र निषाद के भी कैबिनेट में शामिल होने के दावे किए जा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि सरकार के पहले विस्तार में एक दर्जन से ज्यादा नए मंत्रियों को शामिल करने के साथ कई बड़े मंत्रियों को विभागों में भी बदलाव किए जा सकते हैं। शिवसेना व तेलुगू देशम से भी कुछ मंत्री लिए जा सकते है।
तेलुगूदेशम नेता चंद्रबाबू नायडू ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी को एक और जगह मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार टीडीपी अपने राज्यसभा सांसद वाए एस चौधरी का नाम दे सकती है। शिवसेना से सुरेश प्रभु के साथ अनिल देसाई का नाम चर्चा में है। जानकारों का कहना है कि कैबिनेट के विस्तार की खबरों के बाद सरकार के तमाम मंत्रियों में खलबली मच गई है तो सांसद भी सक्रिय हो गए हैं।
पार्टी महासचिव जगत प्रकाश नड्डा का नाम भी चर्चा में है। निर्मला सीतारमण का कदम बढ़ाकर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। वह अभी राज्य मंत्री हैं। स्मृति ईरानी को उनकी पसंद का सूचना प्रसारण विभाग दिया जा
सकता है। ऐसे में प्रकाश जावडेकर को पर्यावरण मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। जानकारों ने कहा कि मोदी उन लोगों को भी कैबिनेट में जगह दे सकते हैं,जिनके नामों की कोई चर्चा तक कर रहा है।












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