Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान भावुक हुए पीएम मोदी, इस बात पर की गुलाम नबी आजाद की तारीफ

नई दिल्ली। PM Modi gets emotional: राज्यसभा के जिन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनकी विदाई से पहले अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए। चार सांसदों की विदाई से पहले पीएम मोदी के आंखों से आंसू छलक आए। विदा होने वाले सांसदों की भावुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर तारीफ की। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद की जमकर तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो व्यक्ति बतौर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद की जगह लेगा उसके लिए आजाद जी का स्तर बना पाना काफी मुश्किल होगा क्योंकि गुलाम नबी आजाद ना सिर्फ पार्टी के लिए चिंतित रहते थे बल्कि वो देश और सदन के बारे में भी सोचते थे।

pm

Recommended Video

    Ghulam Nabi Azad का जिक्र कर Rajya Sabha में क्यों छलके PM Modi के आंसू? | वनइंडिया हिंदी

    पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पुरा विश्वास है कि उनकी सौम्यता और नम्रता, इस देश के लिए कुछ कर गुजरने की उनकी कामना कभी उन्हें चैन से बैठने नहीं देगी।मुझे विश्वास है कि जो भी जिम्मेदारी वो निभाएंगे उससे देश लाभान्वित होगा। मैं फिर एक बार उनकी सेवाओं के लिए आदरपूर्वक धन्यवाद करता हूं। व्यक्तिगत रूप से भी मेरा उनसे आग्रह होगा कि आप कभी यह मन से ना मानें को आप सदन के सदस्य नहीं हैं। आपके द्वार मेरे लिए हमेशा खुले हैं, चारो सदस्यों के लिए मेरे द्वार हमेशा खुले हैं।आपके अनुभव का हमेशा हमे लाभ मिलेगा।

    देखिए वीडियो जब पीएम मोदी राज्यसभा में हुए भावुक

    प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में मेरे पास गुलाम जी का फोन आया था और उन्होंने मुझसे कहा था कि वो सभी दलों के अध्यक्षों की मीटिंग बुलाए। इसके बाद मैंने उनके सुझाव पर ही सभी दलों की बैठक बुलाई थी। जम्मू कश्मीर में आतंकी घटना का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि जब मैं आजाद जम्मू कश्मीर के सीएम थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री ता, हम दोनों के बीच काफी निकटता थी। एक बार जब गुजरात के कुछ यात्री जम्मू कश्मीर घूमने के लिए गए थे तो आतंकियों ने उनपर हमला कर दिया था, उस वक्त सबसे गुलाम जी ने मुझे सबसे पहले फोन किया था, यह कहते हुए पीएम सदन में भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। पीएम आंसू से पूरा सदन खामोश हो गया।

    पीएम ने उस वाकये को याद करते हुए कहा कि गुलाम नबी जी ने यह फोन मुझे सूचना देने के लिए नहीं की थी, उस वक्त प्रणव मुखर्जी रक्षा मंत्री थे, मैने उन्हें फोन किया और कहा कि अगर सेना का हवाई जहाज मिल जाए तो शवों को लाने में काफी मदद मिलेगी, उस वक्त उन्होंने कहा कि मैं व्यवस्था करता हूं। इसके बाद खुद गुलाम नबी जी का फोन आया, वह खुद एयरपोर्ट पहुंचे और परिवार की तरह वह लोगों की चिंता कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पद और सत्ता जीवन में आती रहती है लेकिन उसे किस तरह से पचाना है यह अहम है। सुबह खुद गुलाम नबी जी ने मुझे फोन किया और कहा कि शव पहुंच गए हैं। गुलाम नबी जी का मैं बहुत आदर करता हूं। भविष्य के लिए मेरी उनको शुभकामनाएं।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+