कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी ने किया फोन, तो पूर्व मंत्री बालेश्वर को याद आई वो 'छोटी सी बात'
कोरोना वायरस की महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन बार विधायक और यूपी सरकार में मंत्री रहे बालेश्वर त्यागी को फोन किया...
नई दिल्ली। देश में फैली कोरोना वायरस की महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यूपी की गाजियाबाद सीट से तीन बार विधायक और कल्याण सिंह सरकार में मंत्री रहे बालेश्वर त्यागी से फोन कर उनका हाल-चाल जाना। इस बात की जानकारी खुद पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट के जरिए दी। बालेश्वर त्यागी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में बताया, 'सुबह 8:50 के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने फोन करके मेरा और मेरे परिवार का हाल-चाल लिया। बहुत आश्चर्य भी हुआ और अच्छा भी लगा। उन्होंने पूछा कि परिवार में सब कैसे हैं, मेरा स्वास्थ्य कैसा है और कोरोना वायरस की महामारी में क्या गाजियाबाद में पार्टी का संगठन लोगों की सेवा ठीक से कर रहा है।'

'पीएम मोदी का मुझे फोन आना उनका बड़प्पन'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत के बाद बालेश्वर त्यागी ने बताया, 'कल मैंने पोस्ट डालकर आप सभी को अवगत कराया था कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन करके मेरा और मेरे परिवार का हाल-चाल जाना। पीएम मोदी का मुझे फोन आना उनका बड़प्पन है। वे देश के प्रधानमंत्री रहते समय निकालकर लोगों से बात कर रहे हैं, निश्चय ही उनके लोक संग्रही होने का प्रमाण है। वैसे संघ परंपरा से नेता बने पीएम मोदी से ही ऐसा आचरण संभव है।' इस दौरान बालेश्वर त्यागी ने एक पुरानी घटना को भी याद किया।

उस समय नरेंद्र मोदी भाजपा के महामंत्री संगठन थे
बालेश्वर त्यागी ने आगे बताया, 'एक अवसर को छोड़कर मेरा पीएम मोदी से कभी प्रत्यक्ष परिचय नहीं हुआ। जिस दिन रामप्रकाश गुप्त ने यूपी के मुख्यमंत्री के पद से त्याग पत्र दिया था, उस दिन नरेंद्र मोदी उनका त्यागपत्र दिलाने राजभवन गए थे। उस समय नरेंद्र मोदी भाजपा के महामंत्री संगठन थे। जब दोनों लौटकर मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग आए, तब मैं भी वहां पहुंच गया था। रामप्रकाश गुप्त ने नरेंद्र मोदी से मेरा परिचय कराया था और विशेष रूप से उल्लेख किया था कि ये जेब खर्च नहीं लेते हैं।'

'नरेंद्र मोदी ने पूछा कि ये कैसे मैनेज करते हैं'
बालेश्वर त्यागी ने बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा, 'इसपर नरेंद्र मोदी ने पूछा कि ये कैसे मैनेज करते हैं, तब रामप्रकाश गुप्त ने जवाब दिया था कि ये लेते ही नहीं, इसलिए मैनेज की आवश्यकता ही नहीं होती। यह सुनकर नरेंद्र मोदी ने कहा कि फिर तो ये अन्य प्रदेशों के लिए उदाहरण हैं। पीएम मोदी को तो वह छोटी सी बात याद भी नहीं होगी। वैसे भाजपा में पूरा जीवन गुजार देने के कारण मुझे कुछ अनुमान है कि ऐसे अवसरों के लिए नामों के चयन की प्रक्रिया क्या है? इसलिए कहता हूं कि ये पीएम मोदी की ही महानता है और इसके लिए मैं उनका आभारी हूं।'












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