पीएम CARES फंड में विदेशी चंदे को लेकर दी जा रही है गलत जानकारी, जानिए सही क्या है
नई दिल्ली। महामारी कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'पीएम केयर्स फंड' की घोषणा की है। भारत सरकार ने अब तय किया है कि इस फंड में विदेशों से भी दान की गई रकम स्वीकार की जाएगी। इस तरह विदेश में बसा कोई व्यक्ति या संगठन इसमें दान कर भारत की सहायता कर सकता है। सरकारी सूत्रों द्वारा खबर आ रही है कि पीएम CARES फंड द्वारा विदेशी चंदे को स्वीकार करने की खबरों पर बहुत गलत जानकारी दी गई है। जो घोषणा की गई है वह यह है कि PM CARES फंड केवल उन व्यक्तियों और संगठनों से दान और योगदान स्वीकार करेगा जो विदेशों से आधारित हैं। यह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) के संबंध में भारत की नीति के अनुरूप है। पीएमएनआरएफ को 2011से एक सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में विदेशी योगदान भी मिला है।

हालाँकि, प्रधानमंत्री राहत कोष और एनआरआई, पीआईओ और मुख्यमंत्री से राहत कोष जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन, जैसे कि नींव का स्वागत किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं के पिछले उदाहरणों के साथ तुलना करने वालों के लिए, यहाँ आधिकारिक स्पोक्स ने 22 अगस्त 2018 को कहा था- "मौजूदा नीति के अनुसार, सरकार घरेलू प्रयासों के माध्यम से राहत और पुनर्वास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय ने बीते 16 मार्च को इस संकट को देखते हुए स्पेशल COVID-19 सेल का निर्माण किया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक उनको दुनियाभर में रह रहे भारतीयों की 3300 कॉल्स और 2200 ई-मेल मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सरकार का फोकस है कि जिस देश से भारतीय कॉल्स या मेल कर रहे हैं, वहां के दूतावास से संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद दी जाए। अभी तक भारत अलग-अलग देशों से भारतीयों समेत अन्य देशों के 2500 नागरिकों को एयरलिफ्ट कर चुका है। ज्यादातर लोगों को क्वारंटाइन सेंटर में रख उनकी जांच की गई। अभी तक भारत से करीब 10 हजार विदेशी नागरिक अपने देश जा चुके हैं।












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