सोनिया गांधी पर पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण की टिप्पणी हटाई जाए- खड़गे ने RS सभापति को लिखा पत्र
सोनिया गांधी पर पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण की टिप्पणी हटाई जाए- खड़गे ने RS सभापति को लिखा पत्र
नई दिल्ली, 29 जुलाई : विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखा। इस पत्र में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सोनिया गांधी के बारे में सदन में की गई टिप्पणी को हटाने का आग्रह किया है।

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विपक्षी नेता खड़गे ने अपने पत्र में राज्यसभा में हुए एक सम्मेलन का जिक्र करते हुए ये पत्र लिखा है। जिसमें सदस्यों को लोकसभा या उसके सदस्यों के बारे में आलोचनात्मक टिप्पणी करने की अनुमति नहीं है। खड़गे ने सभापति से प्यूष गोयल और निर्मला सीतारमण को "पवित्र सम्मेलन का उल्लंघन करने" के लिए माफी मांगने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है।
सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की थी
बता दें केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण और पियूष गोयल जोराज्यसभा में सदन के नेता भी हैं उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा की गई "राष्ट्रपत्नी" टिप्पणी पर सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की थी।
पत्र में खड़गे ने 1987 का ये निर्णय याद दिलाया
इसी संबंध में खड़गे ने अपने पत्र में लिखा समय-सम्मानित सम्मेलनों में से एक यह है कि दूसरे सदन या दूसरे सदन के सदस्यों पर विचार या आलोचनात्मक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। इस संबंध में मैं आपका ध्यान राज्य सभा के तत्कालीन माननीय सभापति आर. वेंकटरमन द्वारा 15 अप्रैल, 1987 को दिए गए निर्णय की ओर दिलाना चाहता हूं।
उन्होंने अन्य बातों के साथ-साथ कहा 'कोई भी व्यक्ति जो इस सदन का सदस्य नहीं है, सदन में अपमानजनक तरीके से या उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले किसी अन्य तरीके से संदर्भित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा वास्तव में, एक सदन में सीधे दूसरे सदन के सदस्यों के खिलाफ विशेषाधिकार का प्रश्न भी नहीं उठाया जा सकता है। खड़गे ने उस प्रक्रिया का भी उल्लेख किया जिसे 1954 में लोकसभा और राज्य सभा की विशेषाधिकार समितियों की संयुक्त बैठक की एक रिपोर्ट के आधार पर दोनों सदनों द्वारा अपनाया गया था।












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