चीन के 'दुश्मन' को भारत के हथियारों पर ज्यादा भरोसा, हमारा एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर खरीदने की प्लानिंग
नई दिल्ली: भारत और चीन का काफी वक्त से लद्दाख में विवाद चल रहा है। इसी तरह चीन की दुश्मनी फिलिपींस के साथ भी है। इस साल की शुरुआत में दोनों देश दक्षिणी चीन सागर में आमने-सामने आ गए थे। हालात को देखते हुए फिलिपींस लगातार भारत के करीब आ रहा, साथ ही उसने हमारे कई स्वदेशी हथियारों पर भरोसा जताया है।

ALH खरीदने की प्लानिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलिपींस को हल्के और आधुनिक हेलीकॉप्टर चाहिए, ताकि वो आराम से चीन का सामना कर सके। इसके लिए वो भारत के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर्स (ALH) को खरीदने की योजना बना रहा है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने पूरी तरह से भारत में विकसित किया है।

कब होगी डील?
सूत्रों के मुताबिक फिलिपींस अपने पुराने हेलीकॉप्टर बेड़े को बदलना चाहता है। उसकी जरूरत को देखा जाए तो ALH हर पैमाने पर खरे उतरते हैं। ऐसे में वो इन्हें खरीदने की योजना बना रहा। हालांकि अभी तक ये जानकारी नहीं मिल पाई है कि वो कब और कितने हेलीकॉप्टर लेगा। सूत्रों ने बताया कि शुरू में 7 हेलीकॉप्टर्स की डील तय मानी जा रही है।

ब्रह्मोस को लेकर समझौता
इस साल की शुरुआत में फिलिपींस ने क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के लिए भारत के साथ सौदा किया था, जो करीब 3000 करोड़ रुपये (375 मिलियन डॉलर) का है। इसके तहत भारत फिलीपींस नेवी को तट आधारित एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति करेगा। ब्रह्मोस की रेंज 500 किमी तक है, ऐसे में इसके फिलिपींस पहुंचते ही चीन के खिलाफ उसकी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

क्या है ALH की खासियत?
आपको बता दें कि ALH का इस्तेमाल भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना और तटरक्षक बल कर रहे हैं। इसके दो वर्जन तैयार हो चुके हैं, जिसमें एक है युद्धक, जबकि दूसरा यूटिलिटी। इसका इस्तेमाल हमले के अलावा रेक्स्यू ऑपरेशन, वीआईपी मूमेंट, सामान पहुंचाने आदि में किया जा सकता है। इसकी अधिकतम रफ्तार 290 किमी प्रति घंटे से ज्यादा है और ये एक बार में 630 किमी तक बिना रुके उड़ान भर सकता है। युद्ध की स्थिति में इसमें आराम से क्लास्टर म्यूनिशन, अनगाइडेड बम या फिर ग्रैनेड लॉन्चर्स लगाए जा सकते हैं। इसका नेविगेशन सिस्टम भी काफी ज्यादा हाईटेक है।












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