पेगासस मामले से संबंधित मेरे संसदीय सवालों को सदन में नहीं दी गई अनुमति- प्रियंका चतुर्वेदी
नई दिल्ली, अगस्त 10। पेगासस जासूसी मामले को लेकर केंद्र सरकार सड़क से लेकर संसद तक घिरी हुई है। विपक्षी पार्टियां केंद्र के खिलाफ सड़कों पर और संसद में हंगामा कर रही हैं। इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में अभी तक खूब हंगामा देखने को मिला है। इस बीच शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा में पेगासस मामले से संबंधित उनके सवालों को अनुमति नहीं दी गई है। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सदन में मेरे संसदीय सवालों को, जो कि पेगासस मामले से संबंधित थे, उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

आईटी और गृह मंत्रालय से पूछे थे प्रियंका ने सवाल
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'पेगासस और स्पाइवेयर/निगरानी के संबंध में मेरे संसदीय सवालों को, दोनों मंत्रालयों (सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्रालय) के सामने नहीं लाया गया। तारांकित (प्रश्न काल) या अतारांकित (लिखित उत्तर) प्रश्न में दोनों में इसे नहीं उठाया गया। कारण: बैलट सेलेक्श। पारदर्शिता की जय। ठीक है फिर।' आपको बता दें कि प्रियंका चतुर्वेदी का यह ट्वीट तब आया है, जब सोमवार को रक्षा मंत्रालय ने राज्य सभा को बताया कि उनका इजरायल की साइबर सुरक्षा फर्म एनएसओ ग्रुप के साथ कोई लेन-देन नहीं है, जो अपने पेगासस स्पाइवेयर के दुरुपयोग पर वैश्विक विवाद के केंद्र में है।
आपको बता दें कि पेगासस मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद में कामकाज भी ठप पड़ा है। विपक्षी दलों की मांग है कि इस मुद्दे पर सदन के अंदर चर्चा की जाए। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इससे पहले 6 अगस्त को भी केंद्र सरकार ने राज्यसभा में विदेश मंत्रालय से पूछे गए एक सवाल को अस्वीकार करने की मांग की थी। ये सवाल भी पेगासस से ही जुड़ा हुआ था।












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