'पेगासस जासूसी' पर बोलीं कंगना- राजा को लोगों की बातें सुनने का पूरा हक, ये तो भगवान राम ने भी किया था
मुंबई, 20 जुलाई: केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर देश के कई पत्रकारों, राजनेताओं और दूसरे लोगों की जासूसी कराने के आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर सड़क से ससंद तक हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री को इस पर घेरते हुए जवाब मांग रहा है तो वहीं अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा है कि राजा अगर किसी की बात सुन रहा है तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

राजा प्राचीन काल से ही ये कर रहे
कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी में लिखा है- राजा प्राचीनकाल से ही लोगों की नब्ज को समझने के लिए तरह के तरीके अपनाते रहे हैं। बड़े-बड़े महान राजा भेष बदलकर अपने देश, लोगों और प्रजा के घरों में गुप्त रूप से यह जानने के लिए जाते थे कि उनकी प्रजा क्या सोच रही है और क्या चर्चा कर रही है। यह अभ्यास बेहतर प्रशासन देने के लिए उठाए कदमों का एक हिस्सा है। इसका एक बड़ा उदाहरण रामायण में है। एक यात्रा के दौरान राम ने भी आम लोगों की बातों को छुपकर सुना था।

हंसकर कहा- मैं पेगासस के बारे में बात नहीं कर रही
कंगना आगे लिखती हैं- अगर राजा असामाजिक तत्वों के ठिकाने या लोगों के सामान्य मुद्दों और उनकी मानसिकता के बारे में जानना चाहता है, तो इसमें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। यह तो राजा का विशेषाधिकार और व्यवसाय है कि वह अपनी आंखें और कान खुले रखे। इसके बाद हंसते हुए कंगना ने लिखा कि वो पेगासस की बात नहीं कर रही हैं।

क्या है पेगासस का मामला
वॉशिंगटन पोस्ट और द गार्जियन अखबार ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि इसराइल में तैयार साफ्टवेयर पेगासस के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं, सुप्रीम कोर्ट के एक जज, कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता और कई बड़े कारोबारियों के फोन की जासूसी की जा रही थी। इस मामले को लेकप विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में इस विषय पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव दिया गया है।












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