जनजातीय भूमि हस्तांतरण संबंधी संशोधन पर होगा पुनर्विचार, ओडिशा सरकार ने टीएसी को वापस भेजा
ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित करने की अनुमति संबंधी फैसले पर पुर्नविचार करने के लिए जनजाति सलाहकार परिषद (टीएसी) को भेजने का फैसला किया है। पटनायक सरकार के इस फैसले पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस और भाजपा के विरोध के बाद अपने इस फैसले पर पुर्नविचार करने का फैसला किया है।

ओडिशा सरकार ने शुक्रवार ओडिशा अनुसूची क्षेत्र अचल संपत्ति हस्तांतरण (ओएसएटीआईपी) विनियम, 1956 में प्रस्तावित संशोधन पर पुनर्विचार करने के लिए वापस जनजाति सलाहकार परिषद (टीएसी) को भेजा है।
बता दें राज्य में विनियमन में संशोधन करने का सरकार का उद्देश्य राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित करने की अनुमति देना था। हालांकि विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने इस फैसले को पूरी तरह वापस लेने की मांग करते हुए राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जमकर हंगामा काटाा था और सदन की कार्रवाई पूरे दिन होने नहीं दी थी।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई और मामले को टीएसी को भेजने का फैसला किया गया। संसदीय कार्य मंत्री निरंजन पुजारी ने जानकारी दी किय उक्त मामले में आगे के विश्लेषण और जांच के लिए प्रदेश सरकार के निर्णय को टीएसी को भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश की विपक्षी पार्टी भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार के इस फैसले को आदिवासी विरोधी करार दिया है। वहीं इस फैसले पर पटनायक सरकार का पक्ष लेने हुए और विपक्षी पाटियों के इस आरोपा का जबाब देते हुए राज्य के राजस्व् एंव आपदा प्रबंधन मंत्री मरांडी ने कहा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के बारे में सरकार के खिलाफ षणयंत्र रचते हुए गलत सूचना फैलाई जा रही है कि ये फैसला आदिवासियों के हित में नहीं है।
मंत्री ने बताया कि नवीन पटनायक के प्रतिनिधित्व वाली कैबिनेट में जो फैसला लिया गया वो टीएसी की सिफारिश पर आधारित था। 11 जुलाई 2023 को टीएससी की बैठक में लिए गए निर्णय को पार्टी लाइनों से ऊपर उठकर सदस्यों ने स्वीकार कर लिया था।
उन्होंने बातया अधिनियम में संसोधन को 14 नवंबर को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी। उन्होंने दावा किया कि नवीन पटनायक की सरकार का ये निर्णया टीएसी की सिफारिश और कानून विभाग कैबिनेट का फैसला टीएसी की सिफारिश पर और कानून विभाग की मंजूरी पर अधारित है।












Click it and Unblock the Notifications