पटना मैराथन 2026: “नशामुक्त बिहार” के संदेश के साथ हजारों लोगों ने लगाई दौड़
गांधी मैदान में आयोजित पटना मैराथन 2026 ने 'नशा मुक्त बिहार' और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया। 3.5 किमी के मार्ग और 10.5 किमी तक की प्रतियोगिताओं की विशेषता वाले इस कार्यक्रम में 10,000 से अधिक धावकों ने भाग लिया, गणमान्य व्यक्तियों ने इस नेक काम का समर्थन किया और मार्ग में सुरक्षा व चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की।
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार तथा भारतीय स्टेट बैंक के संयुक्त तत्वावधान में पटना मैराथन 2026 का सफल आयोजन रविवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में किया गया। "नशामुक्त बिहार के लिए दौड़" विषय पर आयोजित इस मैराथन में लगभग 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्त तथा स्वस्थ बिहार के संकल्प को मजबूत समर्थन दिया।

इस मैराथन का उद्देश्य बिहार को नशामुक्त बनाने, लोगों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत एक ऊर्जावान जुम्बा सत्र से हुई, जिसने सभी प्रतिभागियों में जोश और ऊर्जा भर दी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सचिव मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अजय यादव, आयुक्त उत्पाद-सह-निबंधन महानिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, भारतीय स्टेट बैंक पटना परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक अनुराग जोशी, महाप्रबंधक नेटवर्क-दक्षिण बिहार रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक नेटवर्क-उत्तर बिहार आर. नटराजन और महाप्रबंधक नेटवर्क-झारखंड विवेक चंद्र जायसवाल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मैराथन की शुरुआत सुबह 3:30 बजे गांधी मैदान के द्वार संख्या-01 से हुई। निर्धारित मार्ग गांधी मैदान से शुरू होकर जेपी गंगा पथ और अटल पथ तक था। अटल पथ से यू-टर्न लेकर प्रतिभागी उसी मार्ग से वापस गांधी मैदान के द्वार संख्या-01 तक पहुंचे, जहां समापन रेखा पर दौड़ समाप्त हुई। विभिन्न श्रेणियों की दौड़ को निर्धारित अंतराल पर द्वार संख्या-01 से हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ कराया गया।
मैराथन के सफल आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए अस्थायी चिकित्सा शिविर, विशेषज्ञ चिकित्सकों और हृदय रोग विशेषज्ञों की व्यवस्था भी की गई थी। 10.5 किलोमीटर के बिंदु पर एंबुलेंस और चिकित्सकों की तैनाती की गई थी, जबकि पूरे मार्ग पर दो एंबुलेंस लगातार गतिमान रहीं। इसके अलावा पीएमसीएच, एनएमसीएच, इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं, शल्य कक्ष और आघात चिकित्सा केंद्र भी तैयार रखे गए थे।
मैराथन के विजेताओं में 42.2 किलोमीटर पूर्ण मैराथन में इथियोपिया के सादेम देसे हुसेन ने 2 घंटे 22 मिनट के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। इथियोपिया के तेबेझे किनेटो वाशे 2 घंटे 26 मिनट 32 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि केन्या के इसैया न्दुंगु गिचोही 2 घंटे 26 मिनट 36 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
21.2 किलोमीटर अर्ध मैराथन के पुरुष वर्ग में मुकेश भंभू पहले, नफसेना एजेटा दूसरे और जॉन मुइंडे तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में तामसी सिंह ने पहला, आकांक्षा सिंह ने दूसरा और अबेरु गेमेचु ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
10 किलोमीटर दौड़ के पुरुष वर्ग में पंकज यादव ने पहला, उत्तम कुमार ने दूसरा और संदीप यादव ने तीसरा स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में याशी सचान पहले, स्नेहा सिंह दूसरे और शिवानी कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं। पटना मैराथन 2026 के आयोजन को सफल बनाने में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग तथा भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।












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