'4 महीनों तक, SIR के बारे में एकतरफा झूठ फैलाया गया', LS में चुनावी सुधारों पर बात करते हुए अमित शाह ने घेरा
Parliament Winter Session 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में चुनावी सुधारों पर बात रखी। शाह ने कहा कहा "चार महीनों तक, SIR के बारे में एकतरफा झूठ फैलाया गया। देश के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई।"केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि इस विषय पर चर्चा के दौरान शुरुआती दो दिनों में संसद में गतिरोध की स्थिति बनी रही। इस गतिरोध ने आम लोगों के बीच यह गलत संदेश भेजा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है।
इस पर स्पष्टीकरण देते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा, "दो दिनों तक इस मामले पर चर्चा को लेकर गतिरोध था। इससे लोगों को गलत संदेश गया कि हम इस पर चर्चा नहीं करना चाहते। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि संसद इस देश में चर्चा के लिए सबसे बड़ी पंचायत है। भाजपा-एनडीए कभी चर्चा से दूर नहीं भागती। विषय चाहे कुछ भी हो, हम संसदीय नियमों के अनुसार हमेशा चर्चा के लिए तैयार रहते हैं।"

गृह मंत्री ने आगे बताया कि सरकार की 'ना' कहने के पीछे क्या तर्क था। उन्होंने कहा, "दो दिनों तक हमने विपक्ष से कहा कि इस पर बाद में, दो सत्रों के बाद, चर्चा की जाए। लेकिन वे नहीं माने। हम सहमत हो गए... हमने 'ना' क्यों कहा? 'ना' कहने के दो कारण थे। पहला, वे एसआईआर पर चर्चा चाहते थे। मैं बहुत स्पष्ट हूं कि इस सदन में एसआईआर पर चर्चा नहीं हो सकती।"
"चुनाव आयोग सरकार के आधीन काम नहीं करता"
शाह ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, "एसआई आर चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। भारत का चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार के अधीन काम नहीं करते। अगर चर्चा होती है और सवाल उठाए जाते हैं, तो इसका जवाब कौन देगा? जब उन्होंने कहा कि वे चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार हैं, तो हम तुरंत सहमत हो गए।"
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोप पर क्या बोले अमित शाह?
वहीं बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह टकराव राहुल गांधी के "वोट चोरी" के आरोपों को लेकर था, जिन्हें शाह ने एक "फर्जी नैरेटिव" बताया। शाह ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अवैध प्रवासियों को देश के चुनावों में भाग लेने की अनुमति मिलनी चाहिए।
"पिछले अधिकतर SIR कांग्रेस शासनकाल में ही हुआ'
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि विपक्ष इतिहास के जिक्र पर नाराज़ होता है, जबकि पिछली अधिकतर SIR कांग्रेस शासनकाल में ही हुईं। गांधी ने हस्तक्षेप कर स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना चुनाव आयुक्त को पूर्ण प्रतिरक्षा देने के निर्णय पर थी। उन्होंने शाह को अपनी तीन पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस के लिए चुनौती भी दी।
राहुल गांधी ने क्या लगाया था आरोप?
ध्यान रहे, इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने "वोट चोरी" व "संस्थानों पर कब्ज़े" के अपने आरोपों को दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, शिक्षा, खुफिया एजेंसियों, सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग सहित भारतीय संस्थागत ढांचे को "थोक में हथियाने" का प्रयास चल रहा है। गांधी ने दावा किया कि चुनाव आयोग के सत्ता के साथ मिलकर चुनावों को प्रभावित करने के पर्याप्त सबूत उन्होंने पेश किए हैं।












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