राज्यसभा में अमित शाह ने अंबेडकर पर ऐसा क्या बोला? मचा बवाल, कांग्रेस ने की इस्तीफे की मांग
Amit Shah Parliament Speech on Bhim Rao Ambedkar: संसद का शीतकालीन सत्र चल रह है। ऐसे में आज बुधवार को सत्र के 18वें दिन दोनों सदनों यानी राज्यसभा और लोकसभा में बीआर अंबेडकर के अपमान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। वहीं कांग्रेस ने अमित शाह के इस्तीफे तक की मांग कर डाली है।
दरअसल, मंगलवार (17 दिसंबर) रात को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा की थी। जिसमें उन्होंने संविधान से लेकर अर्थव्यवस्था तक कांग्रेस को जमकर घेरा, इस बीच उन्होंने अंबेडकर को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिसको कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया और इसे संविधान निर्माता के अपमान करने का आरोप लगाया।

इधर, विपक्षी सांसदों ने सदन में जय भीम के नारे लगाए। इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों ने अंबेडकर की फोटो के साथ अमित शाह की टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
अंबेडकर पर क्या बोले गए अमित शाह?
मंगलवार का राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान पर चर्चा करते हुए कहा था कि, अगर वे (कांग्रेस) जितनी बार अंबेडकर का नाम लेते हैं, उतनी बार भगवान का नाम लेते तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिलती।
शाह ने अपने बयान में कहा था कि,'अब एक फैशन हो गया अंबेडकर.. अंबेडकर.. अंबेडकर.. अंबेडकर इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।' कांग्रेस ने शाह के बयान की वीडियो भी अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर साझा की है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांगा शाह का इस्तीफा
संविधान पर बहस के दौरान राज्यसभा में शाह के भाषण पर राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर और संविधान का अपमान किया है। मनुस्मृति और RSS की उनकी विचारधारा यह स्पष्ट करती है कि वह बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान का सम्मान नहीं करना चाहते हैं। हम इसकी निंदा करते हैं और उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। उन्हें देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा
इधर, राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में अंबेडकर जी के बारे में हमारी श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से प्रकट किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कैसे कांग्रेस ने अंबेडकर जी का अपमान किया जब वह जीवित थे। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें इतने सालों तक भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया और इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब का अपमान किया और 1952 में एक चुनाव में साजिश के तहत उन्हें हरा दिया। मैं बौद्ध हूं और बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति हूं। इस देश में बाबा साहब ने 1951 में कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। 71 साल बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बौद्ध (यानी मुझे) को देश का कानून मंत्री बनाया।"












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