Parliament Today: बजट सत्र के पांचवें दिन भी सदन में हंगामा, गैस की कीमतों पर सरकार को घेरने की तैयारी
Parliament Today Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र 2026 का आज पांचवां दिन है और एक बार फिर लोकसभा और राज्यसभा में तीखी बहस और हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। विपक्षी दलों ने साफ संकेत दिए हैं कि वे देश में बढ़ते LPG गैस संकट, महंगाई और पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
ऐसे में आज का दिन संसद में काफी गर्म रहने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से बजट सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है। विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

LPG गैस संकट पर सरकार को घेरने की रणनीति
आज संसद में विपक्ष का मुख्य मुद्दा देश में बढ़ता LPG गैस संकट रहने वाला है। हाल के दिनों में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर कई राज्यों में शिकायतें सामने आई हैं। विपक्ष का आरोप है कि वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है और इसका असर आम लोगों और कारोबारियों दोनों पर पड़ रहा है। INDIA गठबंधन के नेताओं का कहना है कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता की रसोई पर सीधा असर पड़ा है, जबकि होटल, रेस्तरां और कैटरिंग इंडस्ट्री भी कमर्शियल LPG सिलेंडर की महंगाई से परेशान हैं।
पश्चिम एशिया संकट भी बनेगा विपक्ष का मुद्दा
संसद में पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर पड़े असर का मुद्दा भी उठ सकता है। विपक्ष का कहना है कि इस संकट का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल-गैस की कीमतों पर पड़ सकता है। विपक्ष सरकार से यह भी जानना चाहता है कि मौजूदा हालात में भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
LPG के साथ-साथ विपक्ष महंगाई, ईंधन की कीमतों और आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को लेकर भी सरकार पर निशाना साध सकता है। विपक्षी दलों का कहना है कि बढ़ती महंगाई से आम जनता की परेशानी बढ़ रही है और सरकार को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
क्या है सरकार का जवाब
सरकार का कहना है कि देश में गैस की सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि भारत ने LPG के आयात स्रोतों को विविध किया है और देश में पर्याप्त गैस उपलब्ध है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए गए हैं।
वैश्विक संकट: तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि वैश्विक परिस्थितियों के कारण है, जिस पर भारत का नियंत्रण नहीं है।
पर्याप्त भंडार: सरकार का दावा है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार है और नए जहाजों को सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) दिलाने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
घरेलू मांग को प्राथमिकता: सरकार का कहना है कि उन्होंने कमर्शियल के बजाय घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है ताकि गरीब परिवारों के चूल्हे ठंडे न पड़ें।
संसद की कार्यवाही पर आज की नजर
आज संसद में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष अपने मुद्दों को लेकर चर्चा कराने में सफल होता है या फिर हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित होती है। बजट सत्र का यह चरण राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई अहम आर्थिक और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होनी है। ऐसे में आज का दिन संसद में राजनीतिक टकराव और तीखी बहस का गवाह बन सकता है, जहां विपक्ष LPG संकट और महंगाई को लेकर सरकार से जवाब मांगने की कोशिश करेगा।












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