Winter Session राउंडअप: संसद में पहले दिन क्या क्या हुआ, जानिए सबकुछ
नई दिल्ली, 29 नवंबर: संसद का 25 दिवसीय शीतकालीन सत्र आज (29 नवंबर) से शुरू हो गया। इस दौरान कृषि कानूनों को रद्द करने सहित 36 विधेयकों को पारित कराया जा सकता है। शीतकालीन सत्र के पहले दिन मोदी सरकार द्वारा वापस लिए गए तीन कृषि कानूनों के लिए विधेयक पेश किया गया। संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल पास कर दिया गया। इस दौरान सदन में काफी हंगामा भी देखने को मिला। आईए हम आपको बताते हैं पहले दिन की सदन में हुई कार्यवाही का पूरा विवरण:
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कृषि कानूनों की वापसी:
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में पास होने के बाद तीनों विवादित कृषि कानून राज्यसभा में भी पास हो गया है। दोनों सदनों में विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानून वापसी बिल को पेश किया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
कृषि कानून वापसी बिल को पहले लोकसभा में 12 बजे पेश किया गया, जिसे बिना चर्चा के चार मिनट के भीतर पास कर दिया गया। वहीं, विपक्ष चर्चा को लेकर इस पर अड़ा रहा। इसके बाद सदन को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा के बाद दोपहर 2 बजे राज्यसभा में बिल पेश किया गया, वहां भी कुछ ही मिनट में इसे पास कर दिया गया। जिसके बाद उच्च सदन में भारी हंगामा हुआ।
अशोभनीय आचरण करने के चलते 12 सासंद पूरे सत्र के लिए निलंबित:
शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सांसदों को पिछले मानसून सत्र के दौरान अशोभनीय आचरण करने के लिए, वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया। उच्च सदन के जिन 12 सांसदों को सस्पेंड किया गया है उनके नाम एल्मारम करीम (माकपा), फुलो देवी नेताम (कांग्रेस), छाया वर्मा (कांग्रेस), रिपुन बोरा (कांग्रेस), बिनोय विस्वाम (भाकपा), राजमणि पटेल (कांग्रेस), डोला सेन ( तृणमूल कांग्रेस), शांत छेत्री ( तृणमूल कांग्रेस), सैयद नासिर हुसैन ( कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी ( शिवसेना), अनिल देसाई (शिवसेना) और अखिलेश प्रसाद सिंह ( कांग्रेस) हैं।
उपसभापति हरिवंश की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सिलसिले में एक प्रस्ताव रखा जिसे विपक्षी दलों के हंगामे के बीच सदन ने मंजूरी दे दी। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे अलोकतांत्रिक फैसला करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा पक्ष सुने बिना ही यह कार्रवाई की गई है।
राहुल गांधी बोले- सरकार संसद में बिल पर चर्चा से डरती है
बिना सदन में चर्चा किए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि, 3 काले कानूनों का वापस लेना पड़ेगा। ये हमने पहले ही कहा था। हमें पता था कि 3-4 बड़े पूंजीपतियों की शक्ति हिन्दुस्तान के किसानों के सामने खड़ी नहीं हो सकती और वही हुआ काले कानूनों को रद्द करना पड़ा। ये किसानों की सफलता है, देश की सफलता है। 700 शहीद किसानों, एमएसपी, लखीमपुर खीरी और गृह राज्य मंत्री पर हम चर्चा करना चाहते थे, जो सरकार ने नहीं होने दिया। राहुल गांधी ने आगे कहा कि किसानों की मुश्किलें हैं। एमएसपी, कर्जा माफी, जिसकी वो मांग कर रहे हैं और इस मांग का हम समर्थन करते हैं।
शशि कपूर की सेल्फी पर विवाद, देने पड़ी सफाई
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को ट्विटर पर छह महिला सांसदों के साथ एक सेल्फी पोस्ट की जिसके बाद वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए। दरअसल शशि कपूर ने महिला सांसदों के साथ ली गई सेल्फी को ट्वीट करते हुए लिखा था कि, 'कौन कहता है कि लोकसभा काम करने के लिए एक आकर्षक जगह नहीं है? आज सुबह छह साथी सांसदों के साथ।' इस फोटो में उनके साथ बारामती की सांसद सुप्रिया सुले, पटियाला की सांसद परनीत कौर, दक्षिण चेन्नई की सांसद थमिजाची थंगापांडियन, जादवपुर की सांसद मिमी चक्रवर्ती, बशीरहाट की सांसद नुसरत जहां और करूर से सांसद एस ज्योतिमणि थीं।
थरूर के ट्वीट की भाषा कई लोगों को पसंद नहीं आई। खासतौर से 'आकर्षक' शब्द के इस्तेमाल पर काफी यूजर्स आपत्ति जता रहे थे। थरूर ने बाद में कुछ लोगों को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगी और कहा कि महिला सांसदों की पहल ये फोटो मजाकिया अंदाज में ली गई थी। उन्होंने मुझे इसी अंदाज में इसे ट्वीट करने के लिए कहा था।












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