UP: बहराइच के बाद बदायूं में दहशत! तेंदुए और भेड़िये के पैरों के निशान, घरों में कैद ग्रामीण
Terror in Badaun and Bahraich: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। कई गांवों में तेंदुए और भेड़िये जैसे जंगली जानवरों के पैरों के निशान मिलने की खबरों ने ग्रामीणों को डर के साए में जीने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि, वन विभाग ने इन निशानों की जांच के बाद स्पष्ट किया है कि यह निशान किसी कैनाइन प्रजाति से संबंधित हैं, जिनमें कुत्ते या सियार शामिल हो सकते हैं।
वन विभाग की अधिकारी आकांक्षा गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा खोजे गए निशान तेंदुआ या भेड़िया के नहीं, बल्कि कुत्ते या सियार जैसे किसी जानवर के हो सकते हैं। हालांकि, ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है, खासकर क्योंकि पास के बहराइच जिले में तेंदुए और भेड़िये के हमलों की खबरें आई हैं।

बदायूं जिले के नूरपुर गांव में याद राम और महिपाल सिंह जैसे ग्रामीणों ने अपने खेतों में ये पैरों के निशान देखे थे, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और जांच के बाद ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया कि किसी जंगली जानवर का कोई बड़ा खतरा नहीं है।
ग्रामीणों में डर और सावधानी
नूरपुर गांव के अलावा कदरचाक इलाके में भी लोगों ने अपने खेतों में पंजे के निशान देखे। इससे ग्रामीणों में तेंदुए की मौजूदगी का डर फैल गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर नमूने इकट्ठा किए और जांच के बाद इस बात की पुष्टि की कि निशान कुत्ते या सियार के हैं।
इस दौरान, संभागीय वन अधिकारी प्रदीप वर्मा ने भी घटनास्थल का दौरा किया और यह सुनिश्चित किया कि इलाके में भेड़ियों की कोई आबादी नहीं है। इसके बावजूद, वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे अकेले बाहर जाने से बचें और अगर कोई जंगली जानवर दिखे तो तुरंत सूचना दें।
बहराइच में तेंदुए और भेड़ियों का आतंक
हालांकि, बदायूं जिले में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बहराइच जिले में तेंदुए और भेड़ियों के हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। गुरुवार की रात को तेंदुए और सियार के हमलों में चार लोग घायल हो गए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।
बहराइच जिले के महसी तहसील में, घाघरा नदी के किनारे बसे 50 गांवों में लोग भेड़ियों के हमलों से डरे हुए हैं। 17 जुलाई से अब तक इन हमलों में सात बच्चों सहित आठ लोगों की जान जा चुकी है और करीब तीन दर्जन लोग घायल हो चुके हैं। वन विभाग ने अब तक छह में से पांच आदमखोर भेड़ियों को पकड़ लिया है, जबकि एक भेड़िया अभी भी फरार है।
वन विभाग की निगरानी और सावधानी
बदायूं और बहराइच, दोनों जिलों में वन्यजीवों से संबंधित खतरे को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है और सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगली जानवरों को देखकर घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और वन विभाग को तुरंत सूचना दें।
वन विभाग की टीमें लगातार नजर रख रही हैं ताकि किसी भी तरह के संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बदायूं और बहराइच जिलों में जंगली जानवरों की गतिविधियों से ग्रामीणों में डर का माहौल है, लेकिन वन विभाग की सक्रियता और निगरानी से स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है। लोगों को सतर्क रहने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।












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