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Pakistan Radiation Leak: IAEA ने पाक के झूठ का किया खुलासा, पाकिस्तान परमाणु संयंत्र से नहीं हुआ रेडिएशन रिसाव

Pakistan Radiation Leak: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान के किराना हिल्स क्षेत्र में परमाणु संयंत्र पर हमले की अटकलें तेज हो गई थीं। इन खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के किसी भी परमाणु संयंत्र से कोई रेडिएशन रिसाव या उत्सर्जन नहीं हुआ है।

IAEA के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के किसी भी परमाणु संयंत्र से रेडिएशन का कोई रिसाव या उत्सर्जन नहीं हुआ है।

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IAEA Pakistan radiation leak: भारत ने पहले ही खारिज किया था

IAEA का यह बयान उस समय आया है जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के किराना हिल्स, जहां कथित तौर पर एक परमाणु सुविधा स्थित है, को निशाना बनाया था।

हालांकि, इससे पहले भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल एके भारती ने भी सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस दावे को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कहा था, "शुक्रिया यह बताने के लिए कि किराना हिल्स में कोई परमाणु केंद्र है, हमें इसकी जानकारी नहीं थी। हमने किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया है।"

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने भी 13 मई को प्रेस कांफ्रेंस में साफ किया कि भारत की सैन्य कार्रवाई पूरी तरह परंपरागत दायरे में थी। उन्होंने कहा कि "परमाणु रिसाव की अफवाहों पर जवाब देना पाकिस्तान का काम है, हमारा नहीं। हमने अपनी स्थिति रक्षा ब्रीफिंग में स्पष्ट कर दी है।"

उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (National Command Authority) की बैठक की अफवाहें भी बाद में आधिकारिक रूप से खारिज कर दी गईं।

What is IAES: क्या है IAEA?

IAEA के मुताबिक, उसका Incident and Emergency Centre (IEC) दुनिया भर में परमाणु और विकिरण संबंधित घटनाओं की आपात तैयारी, संवाद और प्रतिक्रिया के लिए मुख्य केंद्र है।

इसकी स्थापना 29 जुलाई 1957 को हुआ था जिसका मुख्य कार्य विश्व के किसी भी परमाणु दुर्घटना, लापरवाही या जानबूझकर की गई घटना के मामलों में निगरानी करता है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी में कुल 178 देश हैं जो इसके सदस्य हैं। इसका मुख्यालय आस्ट्रिया में है।

IAEA की पुष्टि के बाद अमेरिका ने भी इस मामले पर चुप्पी साधे रखी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने 13 मई को प्रेस वार्ता में जब यह पूछा गया कि क्या अमेरिका पाकिस्तान में कथित परमाणु रिसाव की रिपोर्टों पर टीम भेजेगा, तो उन्होंने जवाब दिया था कि इस संबंध में मेरे पास साझा करने के लिए कोई नया अपडेट नहीं है।

IAEA Pakistan radiation leak: परमाणु संयंत्रों पर रोकथाम का भारत-पाक समझौता

भारत और पाकिस्तान के बीच एक पुराना समझौता है - 'Agreement on the Prohibition of Attack against Nuclear Installations and Facilities', जो 31 दिसंबर 1988 को साइन हुआ और 27 जनवरी 1991 को प्रभाव में आया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के तहत दोनों देश हर साल 1 जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची एक-दूसरे को सौंपते हैं। 1 जनवरी 2025 को इस प्रक्रिया का 34वां क्रमिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच हुआ।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच परमाणु हमले या रिसाव की खबरें बेहद संवेदनशील और खतरनाक हो सकती थीं। लेकिन भारत की ओर से दी गई स्पष्टता, IAEA की अंतरराष्ट्रीय पुष्टि और अमेरिका की उदासीन प्रतिक्रिया से यह साफ हो गया है कि कोई परमाणु आपात स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। यह स्थिति दर्शाती है कि भारत की सैन्य कार्रवाई सटीक, सीमित और जिम्मेदाराना थी, और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूर्ण पालन किया गया।

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