Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कंगाल हो गया पाकिस्तान!: आर्थिक संकट के बीच नहीं मिल रहा सिलेंडर, पॉलिथीन में गैस भरवाने को मजबूर, VIDEO

खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले में लोगों को 2007 से गैस कनेक्शन नहीं दिया गया है, जबकि हंगू शहर पिछले दो सालों से गैस कनेक्शन से वंचित है क्योंकि गैस ले जाने वाली पाइपलाइन टूटने के बाद से ही ठीक नहीं हुई है।

पाकिस्तान में नहीं मिल रहा सिलेंडर, पॉलिथीन में गैस भरवाने को मजबूर
Photo Credit:

पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी हरकतों की वजह से चर्चाओं में बना रहता है। लेकिन इस बार जिस चीज को लेकर फजीहत हो रही है, उसकी किसी ने कल्पना तक नहीं कर सकते। लेकिन इसका वीडिया पूरी तरह से गवाही दे रहा है कि पाकिस्तान की बदहाल की स्थिति क्या है। डूबती अर्थव्यवस्था के बोझ तले दबी पाकिस्तानी सरकार अपने लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम रही है। पाकिस्तान के लोगों को खाना पकाने के लिए एलपीजी गैस सिलिंडर तक नहीं मिल रहे हैं।

सरकार की स्थिति ऐसी है कि वह अपने लोगों की जरूरत को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। वहां के लोग प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। यह भले ही भयावह हो, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तानी रसोई गैस सिलेंडरों के स्टॉक में गिरावट के कारण एलपीजी को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे विक्रेताओं को आपूर्ति कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

खबरों के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले में लोगों को 2007 से गैस कनेक्शन नहीं दिया गया है, जबकि हंगू शहर पिछले दो सालों से गैस कनेक्शन से वंचित है क्योंकि गैस ले जाने वाली पाइपलाइन टूटने के बाद से ही ठीक नहीं हुई है। प्लास्टिक की थैलियों में गैस कैसे संग्रहित की जाती है?

गैस वेंडर कंप्रेशर की मदद से प्लास्टिक बैग में एलपीजी भरते हैं और फिर बैग को नोज़ल और वॉल्व से कसकर बंद कर देते हैं। प्लास्टिक बैग में तीन से चार किलो गैस भरने में करीब एक घंटे का समय लगता है। विडंबना यह है कि 2020 में कैबर पख्तूनख्वा के क्षेत्र से लगभग 85 बैरल तेल और 64,967 मिलियन क्यूबिक फीट गैस निकाली गई थी। इसके बावजूद लोग प्लास्टिक की थैलियों में 500 से 900 रुपये में गैस खरीदने को मजबूर हैं, क्योंकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत करीब 10,000 पाकिस्तानी रुपये है।

प्लास्टिक की थैली में गैस ले जाने से विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह किसी चलते हुए बम से कम नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्लास्टिक की थैलियों के कारण घायल होने के बाद कम से कम आठ मरीजों को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एक बर्न केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था।

यह भी पढ़ें- 'वो बहुत पढ़े-लिखे आदमी है, इस तरह मुंह उठाकर इल्जाम लगाना', रमीज राजा पर फूटा पाक खिलाड़ी का गुस्सा

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+