समुद्र में भारतीय मछुआरों पर गोलियां बरसाने वाले पाकिस्तानी कमांडोज पर FIR, सरकार उठाएगी मुद्दा
नई दिल्ली। गुजरात के नजदीक अरब सागर में पाकिस्तान मेरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (PMSA) द्वारा भारतीय मछुआरों पर फायरिंग की घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार ने कहा है कि, इस मामले को डिप्लोमैटिक लेवल पर उठाया जाएगा। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और आरोपी पाकिस्तानी-मरीज कमांडोज के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
पाकिस्तानियों ने शनिवार को भारतीय मछुआरों की नौका पर फायरिंग की थी। इस घटना में एक मछुआरे की मौत हो गई थी, वहीं कई घायल हो गए। जिसके बाद रविवार को भारतीय पक्ष ने कहा है कि इस मामले की जांच की जा रही है और इसे कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान के सामने उठाया जाएगा। बताया जा रहा है कि, पाकिस्तानियों की गोलीबारी में मारा गया मछुआरा महाराष्ट्र के पालघर जिले के रहने वाला था। उधर, दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों की ओर कहा जा रहा है कि, सरकार ने पीएमएसए द्वारा अकारण गोलीबारी को गंभीरता से लिया है और इस मुद्दे को पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रूप से उठाएगा।

आज गुजरात पुलिस ने पाकिस्तान मेरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (पीएमएसए) के 10 जवानों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इसे लेकर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और 114 (अपराध होने पर उपस्थित होने वाले) और शस्त्र अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज हुआ। एक अधिकारी ने कहा कि, यह एफआईआर पोरबंदर जिले के नवी बंदर पुलिस स्टेशन में रविवार रात को दर्ज की गई।

10 पाकिस्तानियों ने मारी थीं गोलियां
एफआईआर के अनुसार, 10 पाकिस्तानियों ने शनिवार शाम लगभग 4 बजे दो नावों पर पांच-पांच गोलियां दागीं, उनके द्वारा मछली पकड़ने वाली मछुआरों की भारतीय नाव 'जलपरी' को निशाना बनाया गया। जिसमें महाराष्ट्र के पालघर जिले के एक मछुआरे श्रीधर चमरे (32) की मौत हो गई। .वहीं, एक अन्य मछुआरा, जिसका नाम दिलीप सोलंकी (34) है, जो दीव का रहने वाला था, गोलीबारी में घायल हो गया। गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के ओखा तटीय शहर के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

ट्रॉलरों के समूह का हिस्सा थीं बोट
समुद्र में मछली पकड़ने वाली भारतीय नाव पर चालक दल के 7 सदस्य थे। पोरबंदर में मछुआरों के अगुआ मनीष लोधारी ने बताया कि, पाकिस्तान मेरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (PMSA) मछली पकड़ने वाली अन्य नाव श्री पद्मनी पर सवार 6 मछुआरों को पकड़ा और नाव को भी जब्त कर लिया। बताया जा रहा है कि, श्री पद्मनी और जल परी दोनों मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों के एक ही समूह का हिस्सा थे, जो गुजरात के जखाऊ तट पर काम कर रहे थे।

सरकार क्या करने जा रही है
मछुआरों की शिकायत मिलने पर नई दिल्ली में एक अधिकारी ने कहा, "हमने इस घटना को गंभीरता से लिया है। हम इस मुद्दे को पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रूप से उठाने जा रहे हैं, "
गौरतलब है कि, पिछले साल फरवरी से, पाकिस्तान द्वारा पकड़े जाने वाले मछुआरों की संख्या में तेजी आई है। गुजरात सरकार ने तब राज्य विधायिका को बताया था कि, पाकिस्तान मेरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी ने पिछले साल 13 से 18 फरवरी के बीच चार अलग-अलग घटनाओं में 11 मछली पकड़ने वाली नौकाओं और 63 चालक दल (मछुआरों) को जब्त किया था। इनमें से 23 मछुआरों को पाकिस्तान ने एक ही दिन - 13 फरवरी, 2020 को पकड़ा था।












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