'1100 पर कॉल करो, घूस में दिए पैसे वापस पाओ'
देशभर में हुए हालिया सर्वे में कर्नाटक के बाद आंध्र प्रदेश को दूसरा सबसे करप्ट राज्य बताया गया है।
नई दिल्ली। अगर आपने किसी सरकारी कर्मचारी को रिश्वत दी है तो बस 1100 पर कॉल करिए वो अधिकारी आपके घर आएगा और आपके पैसे लौटा कर जाएगा। पिछले कुछ दिनों में 12 लोगों के पैसे लौटाए भी गए है।

1100 डायल करो घूसे के पैसे वापस पाओ
आंध्रप्रदेश के अमरावती में इसी तरह की पहल सरकार के तरफ से शुरु की गई है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए शुरू हुई इस पहल का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सीएम चंद्रबाबू नायडू के दावे पर भरोसा करें तो राज्य में यह नया ट्रेंड चल रहा है। आपको बता दें कि चंद्रबाबू नायडु ने नई पहल शुरु की है जिसके तहत एक कॉल सेंटर बनाया गया है। वहां आने वाले कॉल पर कार्रवाई की जा रही है। लोग यहां दी गई घूस की शिकायत कर रहे हैं और सरकार संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पर कार्रवाई कर रही है।

आंध्रप्रेदश दूसरा सबसे ज्यादा करप्ट राज्य
आपको बता दें कि देशभर में हुए हालिया सर्वे में कर्नाटक के बाद आंध्र प्रदेश को दूसरा सबसे करप्ट राज्य बताया गया है। चंद्रबाबू नायडु सूबे की इस छवी को बदलना चाहते हैं। चंद्रबाबू सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने के अपने संकल्प को दिखाने के लिए यह पहल की है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाल में कहा कि पिछले कुछ दिनों में 12 लोगों ने नागरिकों को रिश्वत की राशि लौटायी है। कुनूर्ल जिले में एक मामले में पंचायत सचिव ने अलग अलग मामलों में दस नागरिकों को रिश्वत की राशि लौटायी है।

पीपुल फर्स्ट शिकायत निवारण योजना का अच्छा रिस्पॉन्स
सूबे के अधिकारियों ने दावा किया है कि सरकार द्वारा 25 मई को शुरू की गयी पीपुल फर्स्ट शिकायत निवारण योजना का काफी लाभ मिल रहा है और इससे भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी डरे हुए हैं। राज्य सरकार के संचार सलाहकार पी प्रभाकर ने हाल में कहा था कि 1100 नंबर वाले कॉल सेंटर को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। ये समाज से करप्शन खत्म करने के लिए एक अच्छी कोशिश है। डरे हुए सरकारी अधिकारी नागरिकों को रिश्वत की राशि लौटा रहे हैं।

3000 नागरिकों ने दर्ज कराई शिकायत
प्रभाकरन ने बताया कि 3000 नागरिकों ने इस स्कीम के तहत अपनी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद पहले क्रॉस वैरिफाई किया जाता है फिर उस पर कार्रवाई होती है।वहीं सीएम ने कहा है कि ऐसे मामले आएंगे जहां कुछ लोग रिश्वत ना दिए जाने पर भी किसी अधिकारी को बदनाम करने की कोशिश करेंगे। इस तरह के मामलों में हम उचित जांच के बाद ही जरूरी कार्रवाई करेंगे।












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