पी चिदंबरम को है संसद पर हमले में अफजल के रोल पर संशय
नई दिल्ली। संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को लेकर पूरे देश में एक नई बहस छिड़ी हुई है। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें लगता है कि अफजल की फांसी पर फैसला ठीक से नहीं हुआ।

पी चिदंबरम का विवादित बयान
जेएनयू में हुए विवाद के बाद उनका यह बयान भी विवादित बयानों की श्रेणी में आ गया है। आपको बता दें कि जेएनयू में अफजल मामले पर तीन छात्रों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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चिदंबरम ने एक इंग्लिश न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें लगता है कि अफजल की फांसी पर फैसला ठीक से नहीं हुआ था। उन्हें हमले में उसकी भूमिका पर संशय है।
उनकी सरकार ने ही दी थी फांसी
शायद चिदंबरम भूल गए कि अफजल को तीन वर्ष पहले फरवरी 2013 में उसी समय फांसी दी गई थी जब केंद्र में यूपीए यानी उनकी ही सरकार थी।
चिदंबरम ने कहा है कि उन्हें लगता है यह संभव था कि इस मामले पर एक इमानदार राय रखी जाती। उन्होंने कहा कि अफजल पर फैसला ठीक ढंग से नहीं किया गया और संसद पर हमले में उसकी भूमिका को लेकर उन्हें गहरा संशय है।
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चिदंबरम से पूछा गया था कि क्या अफजल गुरु को फांसी देने के लिए कोर्ट सही निष्कर्ष पर पहुंची थी?
सरकार की वजह से थी मामले पर चुप्पी
चिदंबरम ने आगे कहा कि सरकार में होने के चलते आप ऐसा नहीं कह सकते कि कोर्ट ने केस को लेकर गलत निर्णय लिया क्योंकि वो सरकार ही थी जिसने उसके खिलाफ केस लड़ा था। हर आजाद नागरिक को इस पर राय रखने का हक है।
चिदंबरम ने यह भी कहा कि अगर कोई इस तरह की राय रखता है तो उसे देश विरोधी कहना गलत है। उनका इशारा हाल में जेएनयू में विवाद पर था। वर्ष 2008 से वर्ष 2012 तक चिदंबरम गृहमंत्री थे। वर्ष 2013 में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया था।












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