पी चिदंबरम का नीति आयोग सीईओ पर पलटवार, देश में डेमोक्रेसी नहीं ब्यूरोक्रेसी बहुत ज्यादा
पी चिदंबरम का नीति आयोग सीईओ पर पलटवार, कहा- टू मच ब्यूरोक्रेसी
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने नीति आयोग के सीईओ पर अमिताभ कांत की उस टिप्पणी को लेकर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि देश में डेमोक्रेसी कुछ ज्यादा ही है, इसलिए सुधार संभव नहीं हो पा रहे हैं। इसका जवाब देते हुए चिंदबरम ने कहा है कि नौकरशाह को देश में लोकतंत्र ज्यादा लग रहा है लेकिन एक लोकतंत्रवादी व्यक्ति को लगता है कि देश में ब्यूरोक्रेसी कुछ ज्यादा ही है।

पी चिंदबरम ने ट्वीट कर लिखा, देश में बहुत ज्यादा लोकतंत्र है, एक वरिष्ठ नौकरशाह ये कह रहा है। वहीं एक प्रबुद्ध डेमोक्रेट कहता है कि बहुत ज्यादा नौकरशाही है। चिदंबरम ने नए संसदभवन की नींव रखे जाने को लेकर भी ट्वीट करते हुए लिखा है- एक नए संसद भवन की नींव उदार लोकतंत्र के खंडहरों पर रखी गई है।
अमिताभ कांत ने क्या कहा है?
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि भारत में कड़े सुधार को लागू करना बहुत मुश्किल है। भारत में लोकतंत्र कुछ ज़्यादा ही है। कृषि कानूनों के देशभर में हो रहे विरोध को लेकर उन्होंने ये बात कही। कांत ने कहा, मोदी सरकार सभी सेक्टरों में सुधार को लेकर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। कोल, श्रम और कृषि क्षेत्र में सुधार को लेकर साहस दिखाया है। कृषि कानून से भी किसानों को विकल्प मिलेगा लेकिन देश में 'टू मच डेमोक्रेसी' की वजह से आर्थिक सुधार नहीं हो पा रहे हैं।












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