चिदंबरम का बीजेपी से सवाल, AFSPA में संशोधन राष्ट्र विरोधी तो अरुणाचल के तीन जिलों से इसे क्यों हटाया?
नई दिल्ली। कांग्रेस की ओर से मंगलवार को जारी पार्टी की घोषणा पत्र में सत्ता आने के अफ्सपा कानून ( AFSPA ) को संसोधित करने की बात कही गई है। लेकिन घोषणा पत्र जारी होने के कुछ ही देर बाद सत्ताधारी पार्टी ने कांग्रेस के वादे को राष्ट्रविरोधी करार देने लगा है। लेकिन अब कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट कर बीजेपी से ही सवाल किया है। पी चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा है कि यदि AFSPA में संशोधन करना राष्ट्रविरोधी है तो सरकार ने आज अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों से अधिनियम को क्यों वापस ले लिया?

इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि 2015 में त्रिपुरा से भी वापस लिया गया था। इसके अलावा मेघालय से भी साल 2018 में इसे क्यों वापस लिया गया? बता दें कि अफ्सपा को साल 1958 में संसद में पास किया गया था। इसके बाद 11 सितंबर, 1958 को इसके लागू किया गया। इसका उपयोग ज्यादातर उन इलाकों में किया गया है जो अशांत क्षेत्र माने जाते थे। सितंबर 2017 तक मेघालय के करीब 40 फीसदी हिस्से में यह कानून लागू था। ऐसे में अब कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसको संशोधित करने की बात कह कर चुनाव में बीजेपी के लिए नई मुश्किल खड़ी कर दी है।
बीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफ्सपा को लेकर कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में जो अफ्सपा कानून के समीक्षा की बात कही गई है इससे सुरक्षाबलों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने कहा कि देशद्रोहियों, अलगाववादियाों को समर्थन देने के लिए काग्रेस ने यह घोषणापत्र लाई है। इससे पहले भी बीजेपी ने कांग्रेस के इस घोषणा पत्र पर सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी खतरनाक वादे कर रही है। मेनिफेस्टो में ऐसा एजेंडा है जो देश को तोड़ने का काम करते हैं।
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