बिहार के 20 लाख से अधिक लोग अब लौट सकेंगे अपने घर, PM मोदी का धन्यवाद: सुशील मोदी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण देशभर में लॉकडाउन जारी है लेकिन इसी बीच गृह मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों, छात्रों, मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ पर्यटकों को राहत देते हुए आवाजाही की छूट दे दी है और ये नए दिशा-निर्देश 4 मई से लागू हो जाएंगे, सरकार के इस फैसले से बिहार के छात्रों और मजदूरों को सबसे ज्यादा राहत मिली है,इस बारे में खुशी जताते हुए बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धन्यवाद दिया है।
Recommended Video

उन्होंने कहा कि बिहार के 20 लाख से अधिक लोग विभिन्न राज्यों में हैं और घर वापस जाना चाहते हैं। हमें खुशी है कि केंद्र ने हमारी मांग को स्वीकार कर लिया है और लोगों को अपने घरों में लौटने की अनुमति दी है। प्रस्थान और आगमन के स्थान पर लोगों की अच्छी तरह से जांच की जाएगी, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उठाया था। अब केंद्र सरकार ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिया है, जिसके लिए हम सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं।
क्या हैं नई गाइडलाइंस
- केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों, मरीजों, छात्रों, पर्यटकों को छूट दी है हालांकि ये समझना सबसे ज्यादा जरूरी है कि ये छूट फंसे लोगों को नहीं बल्कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दी गई है, उनको लाने और ले जाने के लिए, मतलब यह कि अगर आप फंसे है तो आप खुद नहीं जा सकते बल्कि आपके प्रदेश की सरकार इसका इंतजाम करेगी।
- सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस बाबत नोडल अधिकारी बनाने होंगे और ऐसे लोगों को रवाना करने तथा इनकी अगवानी करने के लिए मानक प्रोटोकॉल बनाने होंगे।
- निर्देश के मुताबिक राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों में पहुंचने वाले लोगों का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा और नोडल अधिकारी अपने राज्यों में फंसे हुए लोगों का पंजीकरण भी करेंगे।
- अगर फंसे हुए समूह में लोग एक राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश से दूसरे राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश जाना चाहते हैं तो भेजने वाले और जिस राज्य में वह समूह जा रहा है, दोनों राज्य एक दूसरे की आपसी सहमति के साथ सड़क मार्ग से जा सकते हैं।
- लेकिन किसी भी व्यक्ति को दूसरी जगह भेजने से पहले उसकी स्क्रीनिंग बहुत जरूरी है, अगर वो स्वस्थ हो तभी उसे जाने की इजाजत मिलेगी।
- प्रवासी मजदूरों, यात्रियों और छात्रों को समूह में सिर्फ बस से ही भेजा जाएगा।
- शख्स अपने गंतव्य तक पहुंच जाएगा तो स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की यह जिम्मेदारी है कि उसे होम क्वारंटाइन में रखे।
- उस व्यक्ति को अरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने के उत्साहित किया जाए ताकि उसके हेल्थ स्टेटस पर नजर बनाई रखे जा सके।












Click it and Unblock the Notifications