विपक्ष ने राज्यसभा के उपसभापति के खिलाफ पेश किया अविश्वास प्रस्ताव, अहमद पटेल ने बताया इतिहास का सबसे 'काला दिन'
नई दिल्ली। राज्यसभा में आज (रविवार) कृषि बिलों को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। इस दौरान संदन में विपक्ष ने कृषि बिलों को लेकर जोरदार हंगामा किया और विधेयक पास होने के बाद कई सांसद धरने पर बैठ गए। इस बीच कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने बताया कि यह दिन इतिहास में 'काला दिन' के रूप में याद किया जाएगा, जिस तरह से ये बिल पारित किए गए हैं, वह लोकतंत्र की हत्या के समान है। 12 विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उप सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है।

कृषि बिलों के विरोध में बोलते हुए अहमद पटेल ने आगे कहा, 'राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करने के बजाए लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है। इसलिए हमने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।' उन्होंने आगे कहा, 'जिस तरह से लोकतांत्रिक प्रकियाओं को अनदेखा करके इस बिल को पास किया है, वह लोकतंत्र की हत्या के सामान है। आज का दिन इतिहास के काले दिन के रूप में जाना जाएगा।'
राज्यसभा में धरने पर बैठे विपक्षी दल
बता दें कि तीनों ही बिलों के पास होने के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ अपना प्रदर्शन किया। बिलों के पास होने के बाद राज्यसभा की कार्रवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष राज्यसभा के भीतर ही प्रदर्शन कर रहे हैं और धरने पर बैठ गए हैं। इस बीच जेपी नड्डा ने बोले, विपक्षी दल किसान विरोधी हैं, इस प्रक्रिया का साथ देने के बजाए इन लोगों ने किसानों की आजादी में रोड़ा डालने की कोशिश की। जिस तरह से विपक्ष ने इन बिल का राज्यसभा में विरोध किया और इसे पास होने से रोकने की कोशिश की, वह बहुत ही गैरजिम्मेदाराना है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है।
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