Opposition meeting: पटना में नीतीश की बैठक से कौन-कौन नेता रहेंगे दूर?
विपक्षी एकता की बैठक से कई गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों ने दूरी बनाई है। इनमें से एक नाम केसीआर का है, साथ ही और कई दल हैं, जो नई संसद के उद्घाटन के बायकॉट में शामिल थे, लेकिन विपक्ष की बैठक में नहीं रहेंगे।

जब कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के बायकॉट का कॉल दिया था, तब करीब 20 विपक्षी दलों ने उस राष्ट्रीय कार्यक्रम से दूरी बनाई थी। लेकिन, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर कहा है कि करीब 15 विपक्षी दलों के प्रमुख ही बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में होने वाली बैठक में पहुंचने वाले हैं।
करीब 15 दलों के प्रमुख पहुंचेंगे- तेजस्वी यादव
विपक्ष की ओर से जिन बड़े नामों को पहुंचने को लेकर सबसे बड़ा कंफ्यूजन था, वह तो दूर हो चुका है। अब कांग्रेस ने भी आधिकारिक तौर पर राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना वाली बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है, 'राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पटना में विपक्षी की बैठक में उपस्थित रहेंगे।'
कौन-कौन नेता रहेंगे दूर?
लेकिन, विपक्ष की इस बैठक में जिन बड़े नेताओं के पहुंचने की संभावना बिल्कुल ही नहीं लग रही है, उनमें प्रमुख नाम हैं- बसपा चीफ मायावती, आंध्र प्रदेश के सीएम और वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी, बीआरएस चीफ और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, बीजेडी के चीफ और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू, जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल।
ऊपर जिन दलों के नेताओं की बात हुई, उनमें से बीआरएस को छोड़कर बाकी गैर-एनडीए दलों के नुमाइंदों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में भागीदारी भी की थी। लेकिन, जो दल उस समारोह के बहिष्कार में शामिल थे, उनमें से भी कुछ दलों के पटना वाली बैठक में पहुंचने को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है।
ये विपक्षी दल भी रहेंगे दूर!
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम नई संसद के उद्घाटन के बहिष्कार में शामिल थी, लेकिन इस बैठक से वह भी दूर रहेगी। जबकि, ओवैसी की पार्टी ने अब हैदराबाद से निकलकर पूरे देश में अपना विस्तार करना शुरू किया है। वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का भी कोई नुमाइंदा इस बैठक में होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। यह पार्टी केरल में कांग्रेस की सहयोगी है, जिसको राहुल गांधी ने धर्मनिरपेक्ष बताया है, जिसपर भाजपा की ओर से सवाल भी उठाए गए हैं।
2024 के लिए ताकत जुटा रहा है विपक्ष
दरअसल,2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी की यह बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है और विपक्षी कुनबा जितना मजबूत होगा, उसके लिए भाजपा की चुनौती का सामना करना उतना ही आसान होगा। वेणुगोपाल ने कहा भी है कि विपक्षी दलों की एकता के लिए बहुत ही आवश्यक समय है, 'जिससे देश चलाने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके।'
बैठक में विपक्ष के ये नाता शामिल रहेंगे
इस तरह से अभी तक जिन नामों की पुष्टि 23 जून की बैठक के लिए हो चुकी है, उनमें राहुल और खड़गे के अलावा- शरद पवार (एनसीपी), ममता बनर्जी (टीएमसी), अखिलेश यादव (सपा), अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी),हेमंत सोरेन (जेएमएम), उद्धव ठाकरे (शिवसेना- यूबीटी), एमके स्टालिन (डीएमके), डी राजा (सीपीआई), सीताराम येचुरी (सीपीएम) और दीपांकर भट्टाचार्य (सीपीआई-एमएल) शामिल हैं।












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