विपक्ष को एकजुट करने के लिए कपिल सिब्बल के घर जुटे नेता, कांग्रेस पार्टी को मिली नसीहत
नई दिल्ली, 10 अगस्त। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के आवास पर सोमवार की रात कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में सपा, टीएमसी समेत कई दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आखिर क्यों एकजुट होने की जरूरत है इसपर चर्चा की गई। विपक्षी दलों की बैठक के दौरान यह तय किया गया है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से इसकी शुरुआत होनी चाहिए, जहां जीत विपक्ष को एक नया धार दे सकता है, जिसकी सबसे अधिक जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक के दौरान कई नेताओं ने कांग्रेस पार्टी को अपनी भीतरी समस्या को सुलझाने पर जोर दिया। नेताओं का मानना है कि अगर कांग्रेस पार्टी यह करती है तो वह देशभर में 100-150 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।

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इस बैठक में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार, राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, शिवसेना के संजय राउत, बीजू जनता दल की पिनाकी मिश्रा, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, डीएमके के तिरुची सिवा, अकाली दल के नरेश गुजराल ने हिस्सा लिया। इसके अलावा आम आदमी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिती, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल ने भी इस डिनर पार्टी में हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार बीजेडी के पिनाकी मिश्रा और अकाली दल के नरेश गुजराल ने पार्टी में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व की आलोचना की है।
सूत्र के अनुसार बैठक में कांग्रेस के 23 नेता जिन्होंने पार्टी के भीतर असहमति को लेकर एक पत्र लिखा था उसमे से 20 नेताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इसके अलावा कुछ और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, शशि थरूर, विवेक तनखा भी शामिल हुए। हालांकि यह डिनर पार्टी कपिल सिब्बल के 73वे जन्मदिन के मौके पर बुलाई गई थी, लेकिन इस दौरान शामिल हुए नेताओं ने राजनीतिक चर्चा में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान कपिल सिब्बल ने सबसे पहले शुरुआत की और बताया किस तरह से भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। इसके बाद अन्य नेताओं ने चर्चा को आगे बढ़ाया। इस दौरान शरद पवार ने महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन की सरकार का जिक्र किया और कहा कि यह सरकार अच्छा काम कर रही है और विपक्षी दलों पर इस बात का जोर दिया कि उन्हें एक साथ आना चाहिए। उमर अब्दुल्ला और संजय राउत ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी को अपनी मौजूदा समस्या से मजबूती के साथ बाहर आना होगा।












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