OPINION: हैदराबाद की प्रगति अविश्वसनीय है
हैदराबाद में जिस तरह का विकास हो रहा है, वह अविश्वसनीय और अतुलनीय है। भाग्यनगर में जमीन की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। हाल में हुए एक सर्वे से पता चला है कि मुंबई के बाद गगनचुंबी और ऊंची इमारतों के लिए हैदराबाद देश में सबसे ज्यादा मशहूर हो चुका है।
यहां भविष्य की नींव पड़ रही है। महानगर के दायरे का लगातार विस्तार होता जा रहा है। हैदराबाद की यह अप्रत्याशित प्रगति बीते 9 वर्षों में हुई है। इसका चौतरफा विकास हुआ है और यह सिलसिला लगातार जारी है। हाल के सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि ये देश के उन सात प्रमुख शहरों में शामिल है, जो पिछले 9 वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में बहुत ही तेज गति से प्रगति कर रहा है।

आसमान छूने लगी है हैदराबाद में जमीन की कीमतें
हैदराबाद में 48 से 49 मंजिली इमारतें बनी हैं। पिछले 3-4 वर्षों से वित्तीय जिले, नानकरामगुड़ा, पुप्पलागुड़ा और कोकापेट में बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई जा रही हैं। इन इलाकों में जमीन अब बहुत ही महंगी हो चुकी हैं। कोकापेट में सरकारी जमीन की 100 करोड़ रुपए प्रति एकड़ कीमत ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है।

बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का हो रहा है निर्माण
भाग्यनगर में जमीन की चाहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ने की वजह ये है कि यहां उम्मीदों से बढ़कर शहरीकरण हुआ है और बेहतरीन से बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है। इसमें हैदराबाद की भौगोलिक स्थिति जितनी मायने रख ही रही है, उससे भी ज्यादा राज्य सरकार ने जो विकास का नजरिया अपनाया है, उससे दुनिया प्रभावित हुई है। इस शहर के पास पर्याप्त मात्रा में अभी भी जमीन उपलब्ध है। वहीं सरकार इसके लिए आईपास (iPass)के माध्यम से परमिट दे रही है। इस तरह से सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सारी औपचारिकताएं फटाफट पूरी हो जाती हैं।

रीयल एस्टेट सेक्टर में बूम
राज्य में ऐसी सरकार है, जो निवेशकों को अनुकूल माहौल दे रही है। इसी का परिणाम है कि दुनिया भर के निवेशकों की इस शहर में दिलचस्पी बढ़ गई है। इसके कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसमें से एक ये भी है कि अनेकों कंपनियों के हैदराबाद पहुंचने से लोगों के लिए रोजगार के अच्छे से अच्छे अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इसी की वजह से रीयल एस्टेट सेक्टर में बूम आया है और लोग बड़े पैमाने पर घर खरीद रहे हैं।

ऑफिस स्पेस मार्केट में रिकॉर्ड प्रगति
सच्चाई ये है कि ये महानगर वास्तविक निवेश और ऑफिस स्पेस के मामलों में दूसरे महानगरों से आगे निकल रहा है। 2016 से 2022 के बीच के हैदराबाद 2.0 के नाम की रिपोर्ट के मुताबिक आईटी, इससे जुड़ी अन्य कंपनियां (ITES),फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक आदि के लिए ऑफिस स्पेस मार्केट में इस शहर ने अबतक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड हासिल किया है।

आज की स्थिति ये है कि हैदराबाद में करीब 1.15 करोड़ वर्ग फीट ऑफिस स्पेस इस्तेमाल में आ रहा है। रीयल एस्टेट सेक्टर में विदेशी संस्थागत निवेश के मामले में हैदराबाद टॉप पर है। हैदराबाद में निवेश का मूल्य बढ़कर 68.7 करोड़ डॉलर तक पहुंच चुका है। साल-दर-साल के सर्वे में हैदराबाद टॉप पर रहता है।













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